रिपोर्ट – संदीप वर्मा
बाराबंकी। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित लोक सभागार में कृषि, गन्ना, उद्यान, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में अतिवृष्टि से प्रभावित फसलों की क्षति का आकलन, किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराने तथा विभिन्न कृषि एवं पशुपालन संबंधी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अतिवृष्टि से प्रभावित फसलों का संबंधित विभाग आपसी समन्वय से सर्वेक्षण कराते हुए फसल क्षति का आकलन सुनिश्चित करें तथा पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की कार्रवाई प्राथमिकता पर पूरी करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रत्येक प्रभावित पात्र किसान को फसल क्षति का मुआवजा दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए तथा सर्वेक्षण एवं राहत संबंधी कार्रवाई समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए।
उद्यान विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि आलू विकास योजना के अंतर्गत सभी पात्र किसानों को नियमानुसार लाभान्वित किया जाए। साथ ही, अतिवृष्टि से प्रभावित केला किसानों की फसल क्षति का भी आकलन कराकर उन्हें नियमानुसार मुआवजा दिलाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत नंदिनी कृषक समृद्धि योजना एवं मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना तथा कुक्कुट विकास नीति के अंतर्गत संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े सभी तहसीलों के उपजिलाधिकारियों से फसल आपदा राहत के अंतर्गत फसल क्षति के विवरण की पोर्टल पर फीडिंग की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्धारित मानकों के अनुरूप हुई फसल क्षति का विवरण शत-प्रतिशत फीड किया जाए, ताकि पात्र किसानों को राहत उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, फसल क्षति का आकलन तथा राहत संबंधी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी पंकज वर्मा, संयुक्त मजिस्ट्रेट/एसडीएम नवाबगंज सुश्री गुंजिता अग्रवाल सहित सभी सम्बन्धित विभागो के अधिकारी उपस्थित रहे।
