रिपोर्ट – एकरार खान
गाजीपुर। वाराणसी-गाजीपुर-मऊ फोरलेन पर बिरनो क्षेत्र के मिर्जापुर टोल प्लाजा पर ओवरलोड वाहनों से नकद वसूली की जा रही है। आरोप है कि ओवरलोड बालू-गिट्टी लदे डंपरों और ट्रकों को फास्टैग के बाद ओवरलोड के नाम पर नकद रकम लेकर छोड़ा जा रहा है।
वाराणसी-गाजीपुर-मऊ फोरलेन पर सोनभद्र और मीरजापुर से बड़ी संख्या में बालू और गिट्टी लदे डंपर व ट्रेलर प्रतिदिन गुजरते हैं। ये वाहन गाजीपुर होते हुए मऊ, आजमगढ़, बलिया, गोरखपुर और कुशीनगर समेत पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में निर्माण सामग्री पहुंचाते हैं। ऐसे में ओवरलोड वाहनों की संख्या भी अधिक रहती है।
नियमों के अनुसार ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जानी चाहिए। आरोप है कि इसके बजाय टोल पर ही नकद रकम लेकर वाहनों को आगे जाने दिया जा रहा है। इससे न केवल राजस्व और नियमों के पालन
पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि सड़क सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। एनएचएआइ की ओर से टोल प्लाजा पर वाहनों से नकद धनराशि नहीं लिए जाने के निर्देश के बावजूद रविवार को एक हजार रुपये की वसूली की जा रही है। एक ट्रक चालक का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ है, जिसमें वह टोल कर्मियों पर एक हजार रुपये मांगने का आरोप लगा रहा है। चालक का कहना है कि उससे ओवरलोड के नाम पर एक हजार रुपये मांगे गए। उसने खाते में रुपये नहीं होने की
नेशनल हाईवे
मीरजापुर व सोनभद्र से गिट्टी लेकर कई जिलों में जाते हैं दो हजार डंपर व ट्रेलर
गाजीपुर-मऊ हाईवे पर मिर्जापुर का टोल प्लाजा
बात कही तो उससे नकद धनराशि ले ली गई। वीडियो सामने आने के बाद टोल प्लाजा पर इस तरह की वसूली को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। कई अन्य वाहन चालकों ने भी नकद रकम लिए जाने की बात कही है। टोल वसूली करने वाली कंपनी आरके चौहान कंपनी के मैनेजर निपुण चौहान का कहना है कि यूपीआइ से ही पैसा लिया जाता है। कुछ लोग जानबूझकर वीडियो बनवा रहे हैं। एनएचएआइ के गोरखपुर पीडी को फोन किया गया तो उन्होंने व्यस्त होने का हवाला दिया।
