रिपोर्ट: विशेष संवाददाता | अमरोहा, उत्तर प्रदेश
अमरोहा जिले की हसनपुर तहसील में मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (शंकर) की ओर से विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। धरने का नेतृत्व संगठन के जिलाध्यक्ष चौधरी नेमपाल सिंह ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं और ग्रामीण तहसील परिसर में एकत्र हुए और सरकार के सामने विभिन्न समस्याओं को लेकर अपनी आवाज बुलंद की।
धरने में किसानों ने कृषि, बिजली, गन्ना भुगतान और चकबंदी से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। किसानों ने कहा कि लंबे समय से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोग परेशान हैं।
KCC सीमा बढ़ाने की उठी मांग
धरने के दौरान किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये किए जाने की मांग रखी। किसानों का कहना था कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि वर्तमान KCC सीमा किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
किसानों ने कहा कि यदि KCC की सीमा बढ़ाई जाती है तो छोटे और मध्यम किसानों को खेती के लिए आर्थिक राहत मिलेगी और उन्हें निजी साहूकारों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
गन्ना भुगतान और छुट्टा गोवंश का मुद्दा भी गरमाया
धरना-प्रदर्शन में गन्ना किसानों का बकाया भुगतान भी प्रमुख मुद्दा रहा। किसानों ने आरोप लगाया कि चीनी मिलों द्वारा समय पर भुगतान नहीं किए जाने से किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
इसके अलावा छुट्टा गोवंश की समस्या को लेकर भी किसानों ने नाराजगी जताई। किसानों का कहना था कि छुट्टा पशु फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति हो रही है।
बिजली संकट और भ्रष्टाचार पर जताई नाराजगी
धरने में ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट को लेकर भी आवाज उठाई गई। किसानों ने मांग की कि ग्रामीण इलाकों में सुचारु बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और किसानों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाए।
इसके साथ ही चकबंदी प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए गए। किसानों ने कहा कि कई गांवों में चकबंदी के दौरान अनियमितताएं सामने आ रही हैं, जिससे ग्रामीणों में असंतोष बढ़ रहा है।
प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे धरना स्थल
किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर एसडीएम, तहसीलदार, एक्सईएन और बिजली विभाग के एसडीओ पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान का भरोसा दिया।
बिजली विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बेहतर करने का आश्वासन दिया। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों की मांगों को शासन तक पहुंचाने की बात कही।
मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा
धरने के अंत में किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। ज्ञापन में किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों का उल्लेख किया गया।
किसानों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन की चेतावनी
धरने को संबोधित करते हुए चौधरी नेमपाल सिंह ने कहा कि किसान लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं हो रहा है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा,
“यदि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो भारतीय किसान यूनियन बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी।”
धरने के दौरान बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं मौजूद रहीं। पूरे तहसील परिसर में किसानों के समर्थन में नारेबाजी होती रही और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।
