रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। तीर्थनगरी शुकतीर्थ (शुक्रताल) में कार्तिक गंगा स्नान मेले को भव्य, सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 21 से 25 नवंबर तक आयोजित होने वाले मेले में 24 नवंबर को मुख्य गंगा स्नान पर्व होगा। मेले में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए अधिकारियों ने सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य, बिजली और सफाई व्यवस्था को लेकर संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए हैं।
मेले की तैयारियों को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष एवं प्रशासक डॉ. वीरपाल निर्वाल तथा अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गंभीर सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागवार जिम्मेदारियां तय करते हुए सभी कार्य मेले से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में पुलिस विभाग को शुकतीर्थ की संवेदनशीलता को देखते हुए व्यापक सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश दिए गए। मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के साथ बाजार क्षेत्र में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। गहरे पानी में श्रद्धालुओं को स्नान करने से रोकने के लिए विशेष निगरानी की जाएगी। बांध मार्ग पर सरकारी वाहनों को छोड़कर अन्य वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। तहबाजारी वसूली पर निगरानी के लिए भी पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। अग्निशमन विभाग को भी मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए।
आबकारी विभाग को मेला क्षेत्र में शराब और अन्य मादक पदार्थों की बिक्री व सेवन पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए गए। इसके लिए लगातार निरीक्षण और कार्रवाई की जाएगी। वहीं, वन विभाग को धूल से राहत दिलाने के लिए पानी के टैंकरों से नियमित छिड़काव कराने तथा रास्तों में बाधा बन रही पेड़ों की टहनियों की छंटाई कराने को कहा गया।
घाटों पर निर्माण कार्यों को लेकर ड्रेनेज विभाग को निर्देश दिए गए कि मेले के दौरान निर्माण कार्य बंद रखे जाएं। इससे पहले बांध, सीसी मार्ग और खंजरों की मरम्मत के साथ घाटों की रंगाई-पुताई का काम पूरा कराया जाए। लोक निर्माण विभाग को मोरना से शुक्रताल मार्ग की पटरियों की सफाई, मिट्टी भराई और सड़क के गड्ढे ठीक कराने के निर्देश दिए गए। पुल की टूटी रेलिंग भी मेले से पहले दुरुस्त कराई जाएगी।
श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को मेला क्षेत्र में डिस्पेंसरी, एंबुलेंस, पर्याप्त दवाइयों और चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया। सफाई व्यवस्था के साथ डीडीटी और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी कराया जाएगा। विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और झूलते तारों को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए गए।
मेले में आने वाले पशुओं की देखभाल के लिए पशु चिकित्सा विभाग को विशेष व्यवस्था करने को कहा गया है। खासतौर पर भैंसा-बुग्गी के साथ आने वाले श्रद्धालुओं के पशुओं के उपचार और देखरेख की व्यवस्था रहेगी। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण को स्नान घाटों और प्रमुख स्थानों पर लगी हाईमास्ट लाइटें दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा मोरना के खंड विकास अधिकारी और ग्राम प्रधानों को आवश्यक कर्मचारियों की व्यवस्था करने, भोकरहेड़ी, मीरापुर और जानसठ के निकायों को पानी के टैंकर, सफाई कर्मचारियों और ब्लीचिंग पाउडर की पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा गया। कृषि विभाग मेले में किसानों के मार्गदर्शन के लिए कृषि प्रदर्शनी लगाएगा। जिला पंचायत की ओर से परंपरागत रूप से मेले की संपूर्ण व्यवस्थाएं संभाली जाएंगी।
अधिकारियों ने किया मेला स्थल का निरीक्षण
समीक्षा बैठक के बाद डॉ. वीरपाल निर्वाल और एडीएम गंभीर सिंह ने अधिकारियों के साथ मेला स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों को सभी तैयारियां निर्धारित समयसीमा में पूरी करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने साफ किया कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें।
इस अवसर पर एसडीएम जानसठ रश्मि लव, अपर मुख्य अधिकारी योगेश कुमार, जिला पंचायत के स्टेनो अक्षय शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
