रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। घर की छत पर सोलर संयंत्र लगवाकर बिजली बिल से राहत पाने की योजना में बैंकों की बेरुखी आम लोगों के लिए परेशानी बन रही है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अधिकतर लाभार्थी बैंक ऋण लेकर संयंत्र लगवाना चाहते हैं, लेकिन बैंकों की ओर से ऋण देने में रुचि नहीं लेने के कारण योजना का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने में बाधा आ रही है। वहीं, योजना के तहत अनुदान का लाभ लेने के लिए 31 मार्च 2027 तक की समयसीमा निर्धारित होने से लोगों को जल्द आवेदन कर लाभ उठाने की अपील की गई है।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को बंधन बैंक्वेट हॉल में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को लेकर गोष्ठी आयोजित की गई। मुख्य अभियंता वीके गुप्ता की अध्यक्षता में हुई गोष्ठी में योजना की प्रगति की समीक्षा के साथ लाभार्थियों को प्रोत्साहित किया गया। इस दौरान सितंबर 2026 में तान्या इंटरप्राइजेज के माध्यम से सोलर संयंत्र लगवाने वाले 16 लाभार्थियों को 32 इंच की एलईडी टीवी उपहार स्वरूप दी गई। अन्य लाभार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
जिले में 25,703 आवेदन, 17 हजार घरों में लगे सोलर संयंत्र
योजना के तहत जिले में अब तक 25,703 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 25,462 आवेदकों ने वेंडर का चयन किया है, जबकि 17,067 लाभार्थियों के घरों पर सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें से 14,500 लाभार्थियों को अनुदान भी मिल चुका है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, जिले में सौर संयंत्रों के माध्यम से करीब 50 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। जिले में योजना के क्रियान्वयन के लिए 189 वेंडर कार्यरत हैं।
तीन किलोवाट के संयंत्र पर 1.08 लाख रुपये का अनुदान
योजना के तहत दो किलोवाट क्षमता का सोलर संयंत्र लगवाने पर 90 हजार रुपये और तीन किलोवाट क्षमता का संयंत्र लगवाने पर 1.08 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। गोष्ठी में दी गई जानकारी के अनुसार, दो किलोवाट संयंत्र की कीमत करीब 1.35 लाख रुपये और तीन किलोवाट संयंत्र की कीमत करीब 1.85 लाख रुपये है। जिले में अब तक करीब 160 करोड़ रुपये का अनुदान लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित किया जा चुका है।
31 मार्च 2027 के बाद नहीं मिलेगा अनुदान
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2024 में की थी। गोष्ठी में बताया गया कि योजना के तहत लाभार्थी 31 मार्च 2027 तक अनुदान का लाभ उठा सकते हैं। इसके बाद अनुदान नहीं मिलेगा। ऐसे में पात्र परिवारों से समय रहते योजना का लाभ लेने की अपील की गई।
बैंक ऋण में रुचि लें तो बढ़े योजना की रफ्तार
गोष्ठी में यह मुद्दा भी सामने आया कि अनेक लाभार्थी सोलर संयंत्र लगवाने के लिए बैंकों से ऋण पर निर्भर हैं, लेकिन बैंकों की ओर से अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई जा रही है। इससे आर्थिक रूप से ऐसे परिवारों के लिए योजना का लाभ लेना मुश्किल हो रहा है, जो एकमुश्त खर्च नहीं उठा सकते। योजना की पहुंच बढ़ाने के लिए बैंक ऋण की उपलब्धता अहम मानी जा रही है।
कार्यक्रम में अधीक्षण अभियंता विद्युत, पंजाब नेशनल बैंक के अग्रणी जिला प्रबंधक, यूपीनेडा के परियोजना प्रभारी, वार्ड सभासद, तान्या इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर, योजना के लाभार्थी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
