रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। गन्ने की नई फसल की कटाई से पहले किसानों ने गन्ने के लाभकारी मूल्य को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है। किसान चिंतक विनीत त्यागी ने गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक तय करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, ऐसे में 600 रुपये से कम का भाव किसान के लिए पर्याप्त नहीं होगा।
कलेक्ट्रेट परिसर में सिटी मजिस्ट्रेट से मुलाकात के दौरान विनीत त्यागी ने किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गन्ने का लाभकारी मूल्य बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगले 10 से 15 दिनों में किसान गन्ने की कटाई शुरू करने वाले हैं, इसलिए सरकार को समय रहते गन्ने के भाव पर स्पष्ट फैसला लेना चाहिए।
विनीत त्यागी ने कहा कि गन्ने की वास्तविक लागत 600 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक बैठ रही है। ऐसे में चीनी मिलें यदि 600 रुपये से अधिक का भुगतान करने की स्थिति में नहीं हैं तो सरकार 500 से 550 रुपये प्रति क्विंटल का मूल्य तय कर शेष राशि बोनस के रूप में किसानों को दे।
उन्होंने कहा कि एथेनॉल उत्पादन और चीनी निर्यात से चीनी उद्योग को लाभ मिल रहा है तो उसका सीधा फायदा गन्ना उत्पादक किसानों तक भी पहुंचना चाहिए। किसानों की आमदनी बढ़ने से ग्रामीण बाजार में खरीदारी बढ़ेगी और इसका सीधा असर व्यापारियों के कारोबार तथा शहर की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
विनीत त्यागी ने कहा कि किसानों की समस्याओं पर केवल राजनीति और बयानबाजी से काम नहीं चलेगा। खेत में बढ़ती लागत और मेहनत को देखते हुए सरकार को अब गन्ने के लाभकारी मूल्य पर ठोस और किसान हितैषी फैसला लेना चाहिए।
