रिपोर्ट कबीर
मुजफ्फरनगर। किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (तोमर) ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान कर दिया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की लंबित मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो आगामी 4 जुलाई को प्रदेशव्यापी रेल रोको आंदोलन आयोजित किया जाएगा।
आंदोलन की रणनीति को धार देने के लिए सोमवार को जनपद मुजफ्फरनगर में चार स्थानों पर संगठन की महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में आगामी आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी और किसानों को व्यापक स्तर पर संघर्ष के लिए तैयार किया जाएगा।
भाकियू (तोमर) के पदाधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से किसानों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है, जिससे किसानों में भारी नाराजगी व्याप्त है। संगठन का आरोप है कि किसानों द्वारा लगातार अपनी मांगें उठाए जाने के बावजूद सरकार और संबंधित अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर ने कहा कि किसान अपनी फसलों के उचित मूल्य, गन्ना भुगतान, बिजली, सिंचाई तथा अन्य बुनियादी समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो किसान आंदोलन को सड़कों से लेकर रेलवे ट्रैक तक ले जाने के लिए मजबूर होंगे।
संगठन ने प्रदेशभर के किसानों से अधिक से अधिक संख्या में बैठकों में पहुंचकर संगठन को मजबूत बनाने और प्रस्तावित आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया है। भाकियू (तोमर) का दावा है कि 4 जुलाई को प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन में बड़ी संख्या में किसान भागीदारी करेंगे।
किसान संगठन की इस चेतावनी के बाद प्रशासनिक अमले में भी हलचल तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें सोमवार को होने वाली बैठकों और उसके बाद संगठन की अगली रणनीति पर टिकी हैं।
