शामली पुलिस ने पंचायत चुनाव से पहले पश्चिम उत्तर प्रदेश के चर्चित कैराना से एक अवैध तमंचा फैक्ट्री पकड़ी है। जिसमें पुलिस ने 19 बने व 11 अधबने तमंचो को बरामद किया है। साथ ही भारी मात्रा में तमंचा बनाने के उपकरण भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने मौके से फैक्ट्री संचालक फैय्याज को भी गिरफ्तार किया है। यह फैक्ट्री संचालक 800 रुपए में
तमंचा तैयार करके मुजफ्फरनगर, सहारनपुर व अन्य स्थानो पर 5000 रुपये में मौत का सामान बेचता था। पुलिस इसी गिरोह के दो अन्य फरार सदस्यों की भी तलाश कर रही है। आरोपी फैक्ट्री संचालक फैय्याज के विरुद्ध पूर्व में भी चार मुकदमे दर्ज हैं।



दरअसल आपको बता दे की शामली पुलिस को यह सफलता कैराना कोतवाली क्षेत्र में लगी। कैराना में कुछ दिन पूर्व अवैध तमंचे से फायरिंग का एक मामला सामने आया था, पुलिस ने आरोपी को तमंचा बरामद करते हुए उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और जहां से आरोपियों अपने तमंचा खरीदा था पुलिस उक्त युवक की तलाश में लग गई थी। पुलिस ने इस घटना की तहत तक पहुंची तो पुलिस फैय्याज पुत्र नूर मोहम्मद निवासी मोहल्ला इकबालपुर कस्बा कैराना के आवास पर पहुंची और उसकी पुलिस के पैरों तले की जमीन खिसक गई। घर के अंदर ही फैय्याज ने अवैध तमंचों की पूरी फैक्ट्री बना रखी थी। जहां से वह अवैध तमंचे बनाकर सहारनपुर, मुजफ्फरनगर आदि जनपदों में सप्लाई करता थाम तमंचे बनाने का सामान वह शामली, कैराना व हरियाणा के पानीपत से खरीद कर लाता था और उन्हें घर के अंदर चल रही फैक्ट्री में तैयार करके भेजता था।
एसपी शामली एमपी सिंह ने बताया कि कैराना पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली है। जहां पर पुलिस ने फैय्याज के घर से 12 तमंचे 12 बोर के, 7 तमंचे 315 बोर के, 11 तमंचे अडबाने वे भारी मात्रा में तमंचा बनाने के उपकरण बरामद किए हैं। आरोपी युवक फैय्याज 800 रुपये की लागत में इन तमंचे को तैयार करता था और अपने साथी इसरार व याहिया को 2000 हजार रुपए में बेचता हूं और वे दोनों इन तमंचो को मुजफ्फरनगर शामली, सहारनपुर आदि जनपदों में 5000 हजार रुपये की कीमत में बेचते थे। पुलिस गिरफ्त में आए फैयाज ने बताया कि वह अब तक सैकड़ो की संख्या में तमंचों को बनाकर भेज चुका है। एसपी एनपी सिंह ने बताया की सूची बना दी गई है, जल्द ही दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर तमंचों की बरामद की की जाएगी। कैराना पुलिस के द्वारा की गई इस कार्रवाई पर उन्होंने 15 हजार रुपये की नगद धनराशि से पुलिस की टीम को पुरस्कार किया है।
