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डेयरी कॉन्क्लेव-2026: पशुपालकों को आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर जोर, लाभार्थियों को मिले चयन पत्र

रिपोर्टर: कबीर

डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

मुजफ्फरनगर में पशुपालकों की आय बढ़ाने, दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने और आधुनिक डेयरी तकनीकों को गांव-गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से विकास भवन सभागार में डेयरी कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम दुग्ध शाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे स्वर्ण महोत्सव के तहत आयोजित किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए पशुपालकों, किसानों और डेयरी क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान पशुपालकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पात्र लाभार्थियों को चयन पत्र भी वितरित किए गए। अधिकारियों ने कहा कि आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन और सरकारी सहायता के माध्यम से डेयरी व्यवसाय को अधिक लाभदायक बनाया जा सकता है।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने डेयरी क्षेत्र के विकास को लेकर अपने विचार साझा किए। आयोजन प्रशासन के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ और इसे प्रदेशभर में आयोजित डेयरी सम्मेलनों की श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।

अधिकारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार पशुपालकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है, जिनका लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है।

सरकारी योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी

सम्मेलन के दौरान पशुपालकों को डेयरी और पशुपालन से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि नंदिनी कृषक समृद्धि योजना, मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना और मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

इसके अलावा मुख्यमंत्री पशुपालक प्रोत्साहन योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और लाभों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने पशुपालकों से अपील की कि वे योजनाओं का लाभ लेकर अपने व्यवसाय का विस्तार करें।

आधुनिक पशुपालन पर विशेषज्ञों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव

कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक पशुपालन और आधुनिक डेयरी प्रबंधन पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने उन्नत नस्लों के संरक्षण, संतुलित पशु आहार, स्वच्छ डेयरी प्रबंधन और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष जोर दिया।

विशेषज्ञों का कहना था कि यदि पशुपालक वैज्ञानिक तरीकों को अपनाते हैं तो कम लागत में बेहतर गुणवत्ता वाला अधिक दूध उत्पादन संभव है। इससे उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।

पशुओं के स्वास्थ्य और टीकाकरण पर दिया गया जोर

सम्मेलन में पशु चिकित्सकों ने पशुओं में फैलने वाली संक्रामक बीमारियों से बचाव, नियमित टीकाकरण और समय पर उपचार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि वे पशुओं का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराते रहें ताकि किसी भी बीमारी का समय रहते उपचार किया जा सके।

साथ ही विभागीय स्वास्थ्य सेवाओं और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की भी जानकारी दी गई।

बैंकिंग और वित्तीय सहायता की जानकारी

कार्यक्रम में बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने पशुधन ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड और पशुधन बीमा जैसी सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत पशुपालकों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे डेयरी व्यवसाय को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

किसानों को सलाह दी गई कि वे सरकारी योजनाओं और बैंकिंग सुविधाओं का सही तरीके से उपयोग कर अपने व्यवसाय को मजबूत बनाएं।

चयनित लाभार्थियों को मिले चयन पत्र

सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना और मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के पात्र लाभार्थियों को चयन पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर चयनित लाभार्थियों ने सरकारी योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इन योजनाओं से डेयरी व्यवसाय को नई दिशा मिलेगी।

एक लाभार्थी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सरकारी सहायता और वैज्ञानिक तरीके अपनाने के बाद उनके डेयरी व्यवसाय में सकारात्मक बदलाव आया है और आय में भी वृद्धि हुई है।

डेयरी क्षेत्र में तकनीकी नवाचार पर चर्चा

कार्यक्रम में डेयरी विशेषज्ञों ने गुणवत्ता सुधार, दुग्ध संग्रहण, विपणन और तकनीकी नवाचारों पर भी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाना आवश्यक है, ताकि उत्पाद की गुणवत्ता बेहतर हो और किसानों को उचित मूल्य मिल सके।

विशेषज्ञों ने मूल्य संवर्धन और डेयरी उत्पादों के बेहतर विपणन पर भी उपयोगी सुझाव दिए।

बड़ी संख्या में पहुंचे पशुपालक

इस सम्मेलन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 100 से अधिक पशुपालकों, किसानों और विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी समस्याएं और जिज्ञासाएं भी साझा कीं।

अंत में सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए अधिकारियों ने पशुपालकों से सरकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने और आधुनिक डेयरी तकनीकों को अपनाने की अपील की।

निष्कर्ष

डेयरी कॉन्क्लेव-2026 ने पशुपालकों को सरकारी योजनाओं, आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक पशुपालन की जानकारी उपलब्ध कराने का प्रभावी मंच प्रदान किया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान आधुनिक डेयरी प्रबंधन और सरकारी सहायता का सही उपयोग करें तो दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।

ऐसे आयोजन न केवल पशुपालकों को नई जानकारी उपलब्ध कराते हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और डेयरी क्षेत्र के सतत विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पैतृक जमीन विवाद में हत्या का मामला: 24 घंटे के भीतर दो आरोपी गिरफ्तार, हथियार भी बरामद

रिपोर्टर: कबीर

भूमि विवाद से जुड़ी हत्या के मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई

मुजफ्फरनगर जिले के पुरकाजी थाना क्षेत्र में पैतृक कृषि भूमि के बंटवारे को लेकर हुई हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त एक लाइसेंसी 12 बोर बंदूक, एक अवैध .315 बोर तमंचा तथा दोनों हथियारों के आठ जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। मामले में एक अन्य नामजद आरोपी की तलाश जारी है।

जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से था विवाद

पुलिस के मुताबिक, नूरनगर गांव में रहने वाले परिवार के बीच पैतृक कृषि भूमि के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया गया कि इसी विवाद के चलते 3 अगस्त को दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया।

प्रारंभिक जांच के अनुसार, विवाद के दौरान गोली चलने से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया और पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी।

शिकायत दर्ज होते ही गठित की गई पुलिस टीम

घटना के संबंध में मृतक के परिजन की तहरीर के आधार पर थाना पुरकाजी में हत्या सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया।

पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचना तंत्र और लगातार दबिश के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। इसी क्रम में मुखबिर से मिली सूचना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

24 घंटे के भीतर दो आरोपी गिरफ्तार

थानाध्यक्ष डॉ. मानवेन्द्र सिंह भाटी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नूरनगर बाईपास से मारकपुर जाने वाले मार्ग पर घेराबंदी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों ने प्रारंभिक स्तर पर भूमि विवाद को लेकर हुए झगड़े की जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जबकि मामले में नामजद तीसरे आरोपी की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद

पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार भी बरामद किए गए। बरामदगी में एक लाइसेंसी 12 बोर बंदूक, एक अवैध .315 बोर तमंचा तथा कुल आठ जिंदा कारतूस शामिल हैं।

बरामद हथियारों को कब्जे में लेकर पुलिस ने उन्हें जांच के लिए सुरक्षित रखा है। आगे की विवेचना में इन हथियारों की फोरेंसिक जांच सहित अन्य कानूनी प्रक्रियाएं भी पूरी की जाएंगी।

तीसरे आरोपी की तलाश जारी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में नामजद तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, मामले से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस टीम की भूमिका

इस कार्रवाई में थाना पुरकाजी पुलिस की टीम ने समन्वित तरीके से काम किया। आरोपियों की गिरफ्तारी और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया में कई पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गंभीर आपराधिक मामलों में त्वरित कार्रवाई और निष्पक्ष जांच विभाग की प्राथमिकता है।

भूमि विवादों को लेकर बरतें सतर्कता

विशेषज्ञों का मानना है कि पारिवारिक और भूमि संबंधी विवादों का समाधान बातचीत, कानूनी प्रक्रिया और आपसी सहमति से किया जाना चाहिए। छोटे विवाद यदि समय रहते नहीं सुलझाए जाएं तो वे गंभीर घटनाओं का रूप ले सकते हैं।

प्रशासन भी समय-समय पर लोगों से अपील करता है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में लेने के बजाय संबंधित प्रशासनिक और कानूनी माध्यमों का सहारा लें।

निष्कर्ष

पुरकाजी थाना क्षेत्र में हुई इस हत्या के मामले में पुलिस द्वारा 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना में प्रयुक्त हथियारों की बरामदगी जांच में महत्वपूर्ण प्रगति मानी जा रही है। फिलहाल मामले की विवेचना जारी है और तीसरे नामजद आरोपी की तलाश की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

ट्यूबवेल मोटर चोरी का 8 घंटे में खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार; तांबा निकालकर बेचने की थी तैयारी

रिपोर्टर: कबीर

पुलिस की त्वरित कार्रवाई से चोरी की वारदात का खुलासा

मुजफ्फरनगर जिले के थाना मंसूरपुर पुलिस ने ट्यूबवेल मोटर चोरी के एक मामले का महज आठ घंटे के भीतर खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान चोरी की गई मोटर से जुड़ा सामान, तांबे का तार, चोरी में प्रयुक्त औजार, एक मोटरसाइकिल और तीन अवैध चाकू बरामद किए हैं। इस कार्रवाई को ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रही कृषि उपकरण चोरी की घटनाओं पर प्रभावी सफलता माना जा रहा है।

शिकायत मिलते ही शुरू हुई जांच

पुलिस के अनुसार, 4 अगस्त 2026 को पुरबालियान गांव निवासी एक किसान ने थाना मंसूरपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके खेत से ट्यूबवेल की मोटर, स्टार्टर और बिजली का तार चोरी हो गया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय जानकारी और मुखबिर तंत्र की सहायता से आरोपियों की तलाश शुरू की।

आठ घंटे में मिली बड़ी सफलता

जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति चोरी का सामान लेकर जाने की तैयारी में हैं। सूचना के आधार पर प्रभारी निरीक्षक विपिन कुमार त्यागी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने निजामपुर चौराहे के पास घेराबंदी की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने ट्यूबवेल मोटर चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने चोरी के बाद मोटर को खोलकर उसमें मौजूद तांबा अलग कर लिया था और बाकी सामान खेत में छिपा दिया था।

तांबा निकालकर बेचने की थी योजना

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका उद्देश्य मोटर से तांबा निकालकर उसे अधिक कीमत पर बेचना था। इसके लिए उन्होंने मोटर को अलग-अलग हिस्सों में तोड़ दिया था। हालांकि, सामान बेचने से पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस का कहना है कि समय रहते कार्रवाई होने से चोरी का सामान बरामद कर लिया गया और आरोपियों की योजना पूरी नहीं हो सकी।

बरामद हुआ चोरी का सामान

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी से संबंधित कई सामान बरामद किए हैं। इनमें मोटर का खोल, मोटर के टूटे हुए हिस्से, लगभग 1.250 किलोग्राम तांबे का तार, चोरी में प्रयुक्त प्लास, तार काटने का कटर, पेचकस, एक मोटरसाइकिल तथा तीन अवैध चाकू शामिल हैं।

बरामद सामान को पुलिस ने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

अन्य मामलों में भी जांच जारी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि क्या वे पहले भी इसी प्रकार की चोरी की घटनाओं में शामिल रहे हैं।

यदि जांच में अन्य मामलों में संलिप्तता सामने आती है तो संबंधित मामलों में भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस टीम की भूमिका

इस कार्रवाई में थाना मंसूरपुर पुलिस की टीम ने समन्वित तरीके से काम किया। जांच, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र के सहयोग से कम समय में आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली।

इस अभियान में उपनिरीक्षक अभिषेक गुप्ता, उपनिरीक्षक शिखर चौधरी, कांस्टेबल रोहित कुमार और लोकेन्द्र कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।

ग्रामीण क्षेत्रों में चोरी रोकने पर विशेष ध्यान

पुलिस का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के ट्यूबवेल, कृषि उपकरण और बिजली से जुड़े सामान की सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है। चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए नियमित गश्त बढ़ाई गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

साथ ही किसानों से भी अपील की गई है कि वे खेतों में लगे उपकरणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

निष्कर्ष

थाना मंसूरपुर पुलिस द्वारा ट्यूबवेल मोटर चोरी की घटना का मात्र आठ घंटे में खुलासा करना पुलिस की सक्रियता और प्रभावी जांच का उदाहरण माना जा रहा है। समय पर कार्रवाई से चोरी का सामान बरामद हुआ और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस का कहना है कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और संपत्ति संबंधी अपराधों पर रोक लगाने के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। वहीं आम नागरिकों से भी पुलिस ने अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल दें, ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

ऑपरेशन वात्सल्य के तहत बड़ी सफलता: 12 घंटे में सकुशल मिली गुमशुदा युवती, परिवार ने ली राहत की सांस

रिपोर्टर: कबीर

पुलिस की त्वरित कार्रवाई से सुरक्षित लौटी युवती

मुजफ्फरनगर पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा और गुमशुदा व्यक्तियों की शीघ्र तलाश के अपने अभियान को आगे बढ़ाते हुए एक सराहनीय सफलता हासिल की है। “ऑपरेशन वात्सल्य” के तहत थाना रामराज पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर एक 21 वर्षीय गुमशुदा युवती को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस की सक्रियता, तकनीकी जांच और लगातार की गई तलाश के चलते युवती को सुरक्षित खोज निकाला गया, जिससे परिवार ने राहत की सांस ली।

सूचना मिलते ही शुरू हुई तलाश

पुलिस के अनुसार, 4 अगस्त 2026 को ग्राम बहादरपुर निवासी एक व्यक्ति ने थाना रामराज में सूचना दी कि उसकी 21 वर्षीय बहन घर से नाराज होकर कहीं चली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत गुमशुदगी दर्ज कर तलाश अभियान शुरू कर दिया।

युवती की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए थाना पुलिस ने मिशन शक्ति टीम के साथ मिलकर संभावित स्थानों की जानकारी जुटानी शुरू की। पुलिस ने पारंपरिक जांच के साथ-साथ तकनीकी माध्यमों का भी सहारा लिया, जिससे तलाश अभियान को गति मिली।

तकनीकी जांच से मिला महत्वपूर्ण सुराग

तलाश के दौरान पुलिस टीम ने विभिन्न स्रोतों से जानकारी एकत्र की और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। लगातार प्रयासों के बाद युवती के मथुरा जनपद के थाना गोविन्दनगर क्षेत्र में होने की जानकारी मिली।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना देरी किए आवश्यक कार्रवाई की और युवती को सकुशल बरामद कर लिया। पूरी कार्रवाई के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि युवती सुरक्षित रहे और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाए।

12 घंटे के भीतर मिली सफलता

गुमशुदगी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने लगातार अभियान चलाया और लगभग 12 घंटे के भीतर युवती को सुरक्षित खोजने में सफलता हासिल की। इसके बाद आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

युवती के सुरक्षित घर लौटने से परिवार में खुशी का माहौल बन गया। परिजनों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशील कार्यशैली की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।

मिशन शक्ति टीम ने निभाई अहम भूमिका

इस पूरे अभियान में थाना रामराज पुलिस के साथ मिशन शक्ति टीम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। संयुक्त प्रयासों के कारण तलाश अभियान तेजी से आगे बढ़ा और कम समय में सकारात्मक परिणाम सामने आया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से मिशन शक्ति जैसे अभियानों के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस टीम की सक्रियता बनी सफलता की वजह

इस सराहनीय कार्रवाई में उपनिरीक्षक हर्षित शर्मा, कांस्टेबल धर्वेन्द्र और महिला कांस्टेबल निशा ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। पुलिस टीम ने लगातार समन्वय बनाकर युवती की तलाश की और हर संभावित पहलू पर जांच की।

वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गुमशुदा व्यक्तियों की शीघ्र बरामदगी और महिलाओं की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसी कार्रवाई आमजन का पुलिस पर विश्वास मजबूत करने का कार्य करती है।

महिलाओं की सुरक्षा के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता

मुजफ्फरनगर पुलिस लगातार महिलाओं की सुरक्षा और सहायता से जुड़े मामलों को प्राथमिकता दे रही है। गुमशुदगी की घटनाओं में समय पर कार्रवाई करने से न केवल संभावित जोखिम कम होते हैं, बल्कि परिवारों को भी समय रहते राहत मिलती है।

पुलिस का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति के गुम होने की जानकारी मिले तो बिना देरी किए निकटतम थाने में सूचना दें। शुरुआती समय में मिली जानकारी कई मामलों में खोज अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

निष्कर्ष

“ऑपरेशन वात्सल्य” के तहत थाना रामराज पुलिस द्वारा 12 घंटे के भीतर गुमशुदा युवती को सकुशल बरामद करना पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और प्रभावी कार्यप्रणाली का उदाहरण है। समय पर की गई कार्रवाई से एक परिवार की चिंता दूर हुई और यह संदेश भी गया कि गुमशुदगी के मामलों में त्वरित सूचना और पुलिस की सक्रियता सकारात्मक परिणाम दिला सकती है।

महिलाओं की सुरक्षा, समयबद्ध कार्रवाई और आमजन के सहयोग से ऐसे अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है, जिससे समाज में सुरक्षा और विश्वास का वातावरण मजबूत हो।

कांवड़ यात्रा 2026: ओवर स्पीडिंग पर सख्त हुई पुलिस, मुजफ्फरनगर में 54 वाहनों के चालान

रिपोर्टर: कबीर

कांवड़ यात्रा के दौरान सड़क सुरक्षा पर प्रशासन की सख्ती

श्रावण मास की कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए मुजफ्फरनगर पुलिस लगातार यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने में जुटी हुई है। इसी क्रम में बुधवार को यातायात पुलिस ने ओवर स्पीडिंग के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की। इस अभियान के दौरान कुल 54 वाहनों का चालान किया गया। खास बात यह रही कि कार्रवाई की जद में 21 रोडवेज बसें भी आईं, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया कि यातायात नियम सभी के लिए समान हैं।

सड़क सुरक्षा बनी प्रशासन की प्राथमिकता

कांवड़ यात्रा के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख मार्गों पर शिवभक्तों की बड़ी संख्या में आवाजाही रहती है। ऐसे समय में तेज रफ्तार वाहन दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए मुजफ्फरनगर यातायात पुलिस ने ओवर स्पीडिंग पर विशेष निगरानी रखने का निर्णय लिया।

प्रशासन का मानना है कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए केवल पुलिस की मौजूदगी ही नहीं, बल्कि वाहन चालकों का सहयोग भी उतना ही जरूरी है। यदि सभी चालक निर्धारित गति सीमा का पालन करें तो सड़क हादसों की संभावना काफी हद तक कम की जा सकती है।

नई मंडी क्षेत्र में चला विशेष चेकिंग अभियान

विशेष अभियान थाना नई मंडी क्षेत्र में चलाया गया, जहां यातायात पुलिस ने आधुनिक उपकरणों की मदद से वाहनों की गति पर नजर रखी। जांच के दौरान कई वाहन निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार में चलते पाए गए। ऐसे सभी वाहन चालकों के खिलाफ नियमानुसार चालान की कार्रवाई की गई।

अभियान के दौरान सड़क पर गुजरने वाले प्रत्येक संदिग्ध वाहन की गति की जांच की गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी वाहन को बिना कार्रवाई के नहीं छोड़ा जाएगा।

21 रोडवेज बसों पर भी कार्रवाई

इस अभियान की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि ओवर स्पीडिंग के मामले में 21 रोडवेज बसों के भी चालान किए गए। इससे यह संदेश गया कि सार्वजनिक परिवहन से जुड़े वाहन भी नियमों से ऊपर नहीं हैं।

पुलिस का कहना है कि सड़क पर चलने वाला हर वाहन चालक यात्रियों और अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होता है। ऐसे में सार्वजनिक परिवहन वाहनों को भी निर्धारित गति सीमा का पूरी तरह पालन करना चाहिए।

वरिष्ठ अधिकारियों ने किया निरीक्षण

यह अभियान यातायात प्रभारी राकेश कुमार के नेतृत्व में चलाया गया। अभियान का निरीक्षण पुलिस अधीक्षक यातायात अतुल कुमार चौबे ने भी किया। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस टीम को निर्देश दिए कि तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों के खिलाफ निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई की जाए।

अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का पालन कराने के लिए आगे भी इसी तरह के अभियान जारी रहेंगे।

कांवड़ यात्रा में क्यों जरूरी है गति नियंत्रण

कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हैं। इसके अलावा सेवा शिविर, चिकित्सा शिविर और पुलिस सहायता केंद्र भी मार्गों पर बनाए जाते हैं। ऐसे में यदि कोई वाहन तेज रफ्तार से चलता है तो दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।

यातायात विशेषज्ञों के अनुसार निर्धारित गति सीमा का पालन करने से वाहन चालक को अचानक सामने आने वाली किसी भी स्थिति में वाहन नियंत्रित करने का पर्याप्त समय मिल जाता है। यही कारण है कि प्रशासन लगातार गति नियंत्रण पर विशेष जोर दे रहा है।

लगातार जारी रहेगा अभियान

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कांवड़ यात्रा समाप्त होने तक ओवर स्पीडिंग के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। प्रमुख मार्गों पर नियमित चेकिंग की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

प्रशासन का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है ताकि यात्रा पूरी तरह सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके।

वाहन चालकों से पुलिस की अपील

यातायात पुलिस ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें और यातायात नियमों का सम्मान करें। शराब पीकर वाहन न चलाएं, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट अवश्य पहनें, सीट बेल्ट का प्रयोग करें और मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए वाहन चलाने से बचें।

इसके साथ ही पुलिस ने दोपहिया वाहन पर तीन सवारी न बैठाने और धैर्यपूर्वक वाहन चलाने की भी सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि थोड़ी-सी सावधानी कई लोगों की जान बचा सकती है।

निष्कर्ष

मुजफ्फरनगर पुलिस द्वारा चलाया गया यह विशेष अभियान कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 54 वाहनों और 21 रोडवेज बसों पर की गई कार्रवाई यह दर्शाती है कि प्रशासन यातायात नियमों के पालन को लेकर पूरी तरह गंभीर है।

यदि सभी वाहन चालक जिम्मेदारी के साथ सड़क पर चलें और पुलिस के निर्देशों का पालन करें, तो कांवड़ यात्रा के दौरान दुर्घटनाओं की संभावना काफी कम की जा सकती है। सुरक्षित यात्रा, संयमित गति और यातायात नियमों का पालन ही सभी श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है।

बाराबंकी में जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव आयोजित, 28 लाभार्थियों को मिले चयन एवं अनुमति पत्र

रिपोर्टर: संदीप वर्मा

बाराबंकी। जिले में डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने और पशुपालकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव का आयोजन विकास भवन सभागार में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन दुग्ध विकास विभाग और पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष एवं प्रशासक राजरानी रावत मुख्य अतिथि रहीं। वहीं भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष राम सिंह वर्मा और अयोध्या दुग्ध संघ के सभापति आनंद कुमार सिंह ‘मोनी’ विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

28 लाभार्थियों को मिले चयन पत्र

कार्यक्रम के दौरान नंदबाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए चयनित 28 लाभार्थियों (14 पुरुष एवं 14 महिला) को चयन एवं अनुमति पत्र वितरित किए गए।

लाभार्थियों को निर्देशित किया गया कि वे दो माह के भीतर गिर, साहीवाल, थारपारकर या हरियाणा नस्ल की दो स्वदेशी गायों का क्रय कर अनुदान के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पोर्टल पर आवेदन करें।

डेयरी योजनाओं की दी गई जानकारी

कॉन्क्लेव के दौरान लखनऊ मुख्यालय से ऑनलाइन माध्यम (जूम लिंक) के जरिए विभिन्न विभागीय योजनाओं, आर्थिक सहायता, अनुदान, प्रशिक्षण और क्षमता विकास कार्यक्रमों की जानकारी साझा की गई।

उपायुक्त स्वतः रोजगार सुनील कुमार कौशल ने डेयरी व्यवसाय और समूह गठन पर जानकारी दी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विनोद कुमार ने नंदिनी कृषक समृद्धि योजना सहित अन्य योजनाओं की जानकारी दी।

वहीं उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. श्रद्धा सचान ने चारा प्रबंधन तथा पशुपालन विभाग की योजनाओं पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. सुरजीत सिंह ने पशु रोगों की रोकथाम और नियंत्रण संबंधी जानकारी दी।

डेयरी व्यवसाय को लाभकारी बनाने पर जोर

नंदबाबा दुग्ध मिशन के नोडल अधिकारी प्रदीप कुमार वर्मा ने डेयरी नीति-2022, मूल्य संवर्धन और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य दुग्ध उत्पादकों और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना तथा डेयरी व्यवसाय को अधिक लाभकारी बनाना है।

डेयरी कंपनियों ने लगाए स्टॉल

कार्यक्रम में स्वदेश मिल्क, ज्ञान डेयरी, मित्र सेवा डेयरी और पराग सहित विभिन्न डेयरी कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाए। कार्यक्रम में लगभग 200 किसान और लाभार्थियों ने भाग लिया। समापन के बाद स्टॉलों पर किसानों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली।

बुलंदशहर में नहर में युवक के कूदने की सूचना, पुलिस ने शुरू किया तलाश अभियान

रिपोर्टर: सोनू पंडित

बुलंदशहर। जिले के पहासू थाना क्षेत्र स्थित गंगावली पुल से एक युवक के नहर में कूदने की सूचना मिलने के बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तलाश अभियान शुरू कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

पुल से नहर में कूदने की सूचना

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 30 वर्षीय प्रदीप शर्मा अपनी बहन की ससुराल सूरजावली से अपने गांव लौट रहा था। इसी दौरान गंगावली पुल पर उसने कथित रूप से नहर में छलांग लगा दी।

शराब के नशे में होने का दावा

स्थानीय लोगों का दावा है कि युवक शराब के नशे में था और किसी बात से नाराज होकर उसने यह कदम उठाया। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

पुलिस ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही पहासू थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने नहर में युवक की तलाश के लिए अभियान शुरू किया। समाचार लिखे जाने तक करीब दो घंटे की तलाश के बाद भी युवक का पता नहीं चल सका था।

जांच जारी

पुलिस का कहना है कि युवक की तलाश जारी है। साथ ही घटना के कारणों और परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है। आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर की जाएगी।

रामपुर में पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह ने की जनसुनवाई, शिकायतों के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

रिपोर्टर: शारिक खान (रामपुर)

रामपुर। पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह ने मंगलवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित नियमित जनसुनवाई के दौरान फरियादियों की समस्याएं और शिकायतें सुनीं। जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी शिकायतें पुलिस अधीक्षक के समक्ष प्रस्तुत कीं।

फरियादियों की समस्याएं सुनीं

जनसुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक फरियादी की शिकायत को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश

पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो और पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने का हर संभव प्रयास किया जाए।

जनसुनवाई का उद्देश्य

रामपुर पुलिस के अनुसार, नियमित जनसुनवाई का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनना, उनकी शिकायतों का प्रभावी समाधान करना तथा पुलिस और जनता के बीच विश्वास एवं संवाद को मजबूत बनाना है।

संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश

पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह ने अधिकारियों से कहा कि सभी मामलों में संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई करें तथा शिकायतकर्ताओं को उनकी शिकायतों की प्रगति से भी अवगत कराते रहें, ताकि आमजन का पुलिस व्यवस्था पर विश्वास और अधिक मजबूत हो।

मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत रामपुर में महिला सुरक्षा जागरूकता अभियान, हेल्पलाइन और कानूनी अधिकारों की दी जानकारी

रिपोर्टर: शारिक खान (रामपुर)

रामपुर। महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मिशन शक्ति फेज-5.0 के द्वितीय चरण के अंतर्गत मंगलवार को जनपद रामपुर में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का संचालन जनपद स्तरीय महिला सुरक्षा दल तथा सभी थाना क्षेत्रों की महिला सुरक्षा टीमों द्वारा किया गया।

महिला सुरक्षा और कानूनी अधिकारों की दी जानकारी

अभियान के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को उनकी सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों, आत्मरक्षा के उपायों तथा कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही नारी सम्मान से संबंधित प्रावधानों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए उपलब्ध विभिन्न सरकारी सेवाओं के बारे में भी जागरूक किया गया।

हेल्पलाइन नंबरों की उपयोगिता बताई

महिला सुरक्षा दल ने अभियान के दौरान विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी देते हुए बताया कि आवश्यकता पड़ने पर महिलाएं और बालिकाएं इन सेवाओं का उपयोग कर सकती हैं। इनमें प्रमुख रूप से—

1090 – महिला शक्ति हेल्पलाइन

181 – महिला हेल्पलाइन

112 – आपातकालीन सेवा

1098 – चाइल्ड हेल्पलाइन

की जानकारी साझा की गई।

साइबर और घरेलू हिंसा पर भी किया जागरूक

अभियान के दौरान घरेलू हिंसा, छेड़छाड़, साइबर उत्पीड़न (ऑनलाइन उत्पीड़न) तथा महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अन्य अपराधों के संबंध में भी जानकारी दी गई। महिला सुरक्षा टीम ने बताया कि ऐसी घटनाओं की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराने और उपलब्ध कानूनी सहायता लेने के लिए लोगों को प्रेरित किया गया।

पंपलेट और जागरूकता सामग्री का वितरण

महिला सुरक्षा दल द्वारा महिलाओं और बालिकाओं को पंपलेट, कॉमिक्स और अन्य जागरूकता सामग्री वितरित की गई। इसका उद्देश्य उन्हें सुरक्षा उपायों, कानूनी अधिकारों और हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराना था।

महिलाओं को जागरूक बनाने पर जोर

रामपुर पुलिस का कहना है कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, आत्मविश्वास बढ़ाना तथा आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध सुरक्षा तंत्र का प्रभावी उपयोग करने के लिए प्रेरित करना है। अभियान के तहत जिले में आगे भी विभिन्न स्थानों पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

रामपुर में अपर पुलिस अधीक्षक ने की जनसुनवाई, शिकायतों के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

रिपोर्टर: शारिक खान (रामपुर)

रामपुर। पुलिस कार्यालय में आयोजित नियमित जनसुनवाई के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक, रामपुर ने फरियादियों की समस्याएं और शिकायतें सुनीं। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं।

फरियादियों की समस्याएं सुनीं

जनसुनवाई के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक फरियादी की बात गंभीरता से सुनी और संबंधित मामलों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निष्पक्ष, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

संबंधित अधिकारियों को दिए निर्देश

अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और पीड़ितों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों की नियमित समीक्षा करने और समय सीमा के भीतर उनका समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनता और पुलिस के बीच बेहतर संवाद पर जोर

पुलिस प्रशासन का कहना है कि नियमित जनसुनवाई का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को सुनकर उनका शीघ्र समाधान करना तथा जनता और पुलिस के बीच विश्वास और संवाद को मजबूत करना है।

अपर पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और संवेदनशीलता बनाए रखें, ताकि लोगों को समय पर न्याय और राहत मिल सके।