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हापुड़ में युवती के कथित अपहरण का मामला, छेड़छाड़ के आरोपी पर गंभीर आरोप; पुलिस जांच में जुटी

दिनदहाड़े युवती को ले जाने का आरोप

हापुड़ जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र से एक 21 वर्षीय युवती के कथित अपहरण का मामला सामने आया है। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपों की पुष्टि के लिए सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

पहले दर्ज कराया था छेड़छाड़ का मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने इससे पहले एक युवक के खिलाफ छेड़छाड़ और अशोभनीय व्यवहार का मामला दर्ज कराया था। आरोप है कि युवक रास्ते में उसका पीछा करता था और उससे अभद्रता करता था।

परिजनों का यह भी आरोप है कि मुकदमा वापस लेने के लिए युवती और उसके परिवार पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था।

धमकी देने का भी आरोप

शिकायत के अनुसार, आरोपी ने पहले मुकदमा वापस लेने की धमकी दी थी। आरोप है कि समझौता न करने पर युवती को उठाकर ले जाने की चेतावनी भी दी गई थी।

परिजनों का दावा है कि बाद में आरोपी ने कथित रूप से युवती को अपने साथ ले जाकर घटना को अंजाम दिया।

आरोपी की तलाश में पुलिस

परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। शिकायत में विष्णु नामक युवक पर युवती को कथित रूप से अगवा करने का आरोप लगाया गया है।

पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं और संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है। साथ ही आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

सभी पहलुओं की होगी जांच

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष

नगर कोतवाली क्षेत्र के सरावा से सामने आए इस मामले ने स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल पुलिस युवती की तलाश और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। मामले की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

घायल गौवंश के उपचार में पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ताओं की तत्परता, स्थानीय लोगों ने की सराहना

रिपोर्टर: शारिक

घायल गौवंश को समय पर मिला उपचार

रामपुर के थाना गंज क्षेत्र में घायल गौवंश के उपचार के लिए पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ताओं की त्वरित पहल देखने को मिली। सूचना मिलने के बाद थाना गंज पुलिस और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे तथा घायल गौवंश को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर उसके उपचार की व्यवस्था कराई।

स्थानीय लोगों के अनुसार, समय पर की गई इस कार्रवाई से घायल पशु को शीघ्र चिकित्सा सहायता मिल सकी।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची टीम

बताया गया कि घायल गौवंश की सूचना मिलने के बाद थाना गंज पुलिस और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बिना देरी किए मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद पशु को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया और पशु चिकित्सक को बुलाकर उसका उपचार शुरू कराया गया।

इस दौरान मौजूद लोगों ने भी सहयोग करते हुए राहत कार्य में मदद की।

स्थानीय लोगों ने की सराहना

घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ताओं की संवेदनशीलता की सराहना की। उनका कहना था कि समय पर उपचार मिलने से घायल पशु को राहत मिली और यह मानवीय संवेदनाओं का अच्छा उदाहरण है।

लोगों ने ऐसे प्रयासों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए भविष्य में भी इसी तरह की तत्परता बनाए रखने की अपेक्षा जताई।

पशुओं की सुरक्षा के प्रति जागरूकता जरूरी

विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क पर घायल या असहाय पशु दिखाई देने पर संबंधित विभाग या स्थानीय प्रशासन को तुरंत सूचना देनी चाहिए, ताकि समय पर उपचार और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

समय पर मिली सूचना और त्वरित कार्रवाई कई बार पशुओं की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

निष्कर्ष

रामपुर में घायल गौवंश के उपचार के लिए थाना गंज पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा की गई त्वरित पहल को स्थानीय लोगों ने सकारात्मक कदम बताया है। समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने से घायल पशु को राहत मिली और यह घटना मानवीय संवेदनशीलता तथा सामुदायिक सहयोग का उदाहरण बनकर सामने आई।

कांवड़ यात्रा के बीच खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, 200 किलो संदिग्ध पनीर नष्ट; जांच के लिए भेजे गए नमूने

कांवड़ यात्रा के दौरान खाद्य सुरक्षा पर सख्ती

हापुड़ में कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जांच अभियान के दौरान विभाग की टीम ने एक पिकअप वाहन से लगभग 200 किलोग्राम संदिग्ध पनीर बरामद किया। प्रथम दृष्टया पनीर की गुणवत्ता संदिग्ध मिलने और भंडारण मानकों में कमी पाए जाने पर उसे नष्ट करा दिया गया। वहीं, दो नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

जांच अभियान के दौरान पकड़ी गई पिकअप

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम कांवड़ सेवा शिविरों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच कर रही थी। इसी दौरान दिल्ली रोड स्थित एक पनीर भंडार के बाहर एक पिकअप वाहन पहुंचा। अधिकारियों को संदेह होने पर वाहन की जांच की गई।

पूछताछ में चालक ने बताया कि वह सिंभावली क्षेत्र की ओर से पनीर लेकर विभिन्न दुकानों पर आपूर्ति करने आया था।

दस्तावेज नहीं दिखा सका चालक

जांच के दौरान अधिकारियों ने पनीर से संबंधित खरीद-बिक्री और आपूर्ति के दस्तावेज मांगे, लेकिन चालक कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद टीम ने वाहन में रखे पनीर का निरीक्षण किया।

अधिकारियों के अनुसार, पनीर से दुर्गंध आने और उसके भंडारण की स्थिति संतोषजनक नहीं मिलने पर उसे प्रथम दृष्टया संदिग्ध माना गया।

दो नमूने प्रयोगशाला भेजे गए

विभागीय अधिकारियों ने पनीर के दो नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरता है या नहीं।

संदिग्ध पनीर कराया गया नष्ट

जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विभाग ने संदिग्ध पनीर को नष्ट कराने का निर्णय लिया। पनीर को फ्रीगंज रोड स्थित लोहे के पुल के पास जेसीबी की सहायता से गड्ढा खोदकर दबाया गया, ताकि उसका उपयोग दोबारा न हो सके।

अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई एहतियात के तौर पर की गई, ताकि किसी भी संभावित स्वास्थ्य जोखिम से बचा जा सके।

अन्य दुकानों से भी लिए गए नमूने

निरीक्षण अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने आवास विकास कॉलोनी स्थित एक दुकान से भी पनीर के नमूने एकत्र किए। इन नमूनों को भी जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।

विभाग का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिलेभर में ऐसे निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे।

14 दिन में आ सकती है जांच रिपोर्ट

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट लगभग 14 दिनों के भीतर प्राप्त होने की संभावना है। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित पक्ष के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष

कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग लगातार निरीक्षण अभियान चला रहा है। हापुड़ में संदिग्ध पनीर की बरामदगी और उसके नमूनों की जांच इसी अभियान का हिस्सा है। फिलहाल अंतिम निष्कर्ष प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बुलंदशहर: मुकेश हत्याकांड के दो आरोपी पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार, हथियार बरामद

रिपोर्टर: जगनेश सोलंकी

मुकेश हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता

बुलंदशहर जिले के चोला थाना क्षेत्र में चर्चित मुकेश हत्याकांड के दो आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कपिल और मनीष के रूप में हुई है। मुठभेड़ के दौरान दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

गागरोल रोड पर हुई कार्रवाई

पुलिस के मुताबिक, थाना चोला पुलिस और स्वाट देहात टीम संयुक्त रूप से संदिग्धों की तलाश में अभियान चला रही थी। इसी दौरान गागरोल रोड पर आरोपियों से सामना हुआ। पुलिस का कहना है कि जवाबी कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपी घायल हो गए और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

हथियार और कारतूस बरामद

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक पिस्टल, एक तमंचा, पांच खोखा कारतूस और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। बरामद हथियारों को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

जमीन विवाद में हुई थी हत्या

पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, मुकेश की हत्या जमीन से जुड़े विवाद के चलते की गई थी। आरोप है कि हमलावरों ने मुकेश पर गोलीबारी की, जिससे उनकी मौत हो गई। इस मामले में पहले भी दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मनीष थाना चोला का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ सात आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं कपिल पर भी छह मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। पुलिस अब दोनों के आपराधिक इतिहास और अन्य मामलों में संभावित संलिप्तता की भी जांच कर रही है।

जांच और कानूनी कार्रवाई जारी

पुलिस ने बताया कि घायलों का उपचार कराया जा रहा है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है।

निष्कर्ष

मुकेश हत्याकांड में दो और आरोपियों की गिरफ्तारी को पुलिस जांच में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। हालांकि, मामले की विवेचना अभी जारी है और पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। आरोपियों पर लगे आरोपों का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के परीक्षण के बाद किया जाएगा।

बसपा के एकमात्र विधायक उमाशंकर सिंह का निधन, कैंसर से लंबी जंग के बाद ली अंतिम सांस

रिपोर्टर: सत्येन्द्र सिंह

उत्तर प्रदेश की राजनीति को बड़ा झटका

उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के वरिष्ठ नेता और रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक उमाशंकर सिंह का निधन हो गया। वह पिछले करीब दो वर्षों से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर से समर्थकों और राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

गुरुग्राम के अस्पताल में हुआ निधन

जानकारी के अनुसार, उमाशंकर सिंह का उपचार हरियाणा के गुरुग्राम स्थित फोर्टिस अस्पताल में चल रहा था। इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही पार्टी कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों ने गहरा दुख व्यक्त किया।

लगातार तीन बार बने विधायक

उमाशंकर सिंह उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर वर्ष 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में लगातार जीत दर्ज की थी। क्षेत्र में उनकी पहचान एक मजबूत जनाधार वाले नेता के रूप में रही।

2022 के बाद बसपा के इकलौते विधायक थे

वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद उमाशंकर सिंह बहुजन समाज पार्टी के एकमात्र विधायक थे। उनके निधन के बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा में बसपा का कोई भी विधायक नहीं रह गया है।

क्षेत्र में शोक की लहर

उनके निधन की सूचना मिलते ही रसड़ा विधानसभा क्षेत्र और बलिया जनपद में शोक का माहौल है। समर्थक, स्थानीय लोग और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनके निधन पर संवेदना व्यक्त की है।

राजनीतिक जीवन की रही अलग पहचान

उमाशंकर सिंह ने लगातार तीन चुनाव जीतकर अपने क्षेत्र में मजबूत राजनीतिक पहचान बनाई। विधानसभा में वह बसपा का प्रतिनिधित्व कर रहे थे और विभिन्न जनहित के मुद्दों को उठाते रहे।

निष्कर्ष

बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का निधन उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। उनके निधन से न केवल रसड़ा विधानसभा क्षेत्र ने अपना जनप्रतिनिधि खोया है, बल्कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में बहुजन समाज पार्टी का प्रतिनिधित्व भी समाप्त हो गया है। पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक उन्हें एक सक्रिय जननेता के रूप में याद कर रहे हैं।

बस स्टैंड पर विवाद के बाद युवक की मौत, पुलिस जांच में जुटी

ललितपुर में जीजा-साले के बीच विवाद के बाद दर्दनाक घटना

ललितपुर जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र में जीजा और साले के बीच हुए विवाद के बाद एक युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में शोक का माहौल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

बस स्टैंड के पास हुआ था विवाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह सदर कोतवाली क्षेत्र के बस स्टैंड के पास किसी बात को लेकर जीजा और साले के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मारपीट की नौबत आ गई।

बताया जा रहा है कि इस दौरान देवेन्द्र नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।

घायल को अस्पताल पहुंचाया गया

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल 108 एम्बुलेंस की सहायता से घायल युवक को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। वहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार शुरू किया गया।

हालांकि इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।

पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।

पुलिस कर रही मामले की जांच

पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा प्रतीत होता है, हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

अधिकारियों ने बताया कि प्राप्त साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष

ललितपुर के बस स्टैंड के पास हुई यह घटना एक पारिवारिक विवाद के दुखद परिणाम के रूप में सामने आई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

गोंडा में डेयरी कॉन्क्लेव का आयोजन, पशुपालकों को मिले स्वीकृति प्रमाण पत्र और डेमो चेक

रिपोर्टर: इंद्रेश कुमार श्रीवास्तव

डेयरी विकास को बढ़ावा देने के लिए आयोजित हुआ जनपद स्तरीय सम्मेलन

गोंडा जिले में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने, पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला पंचायत सभागार में जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने की। सम्मेलन में बड़ी संख्या में पशुपालकों, किसानों और डेयरी क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कहा कि डेयरी क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर

सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि डेयरी व्यवसाय किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने का एक प्रभावी माध्यम बन सकता है। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और पात्र लाभार्थियों तक उनका लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए।

उन्होंने कहा कि योजनाओं का सफल क्रियान्वयन ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा।

लाभार्थियों को मिले स्वीकृति प्रमाण पत्र और डेमो चेक

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना के तहत चयनित 28 लाभार्थियों को स्वीकृति प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इसके अलावा सात लाभार्थियों को 80-80 हजार रुपये के डेमो चेक प्रदान किए गए।

वहीं, नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत संचालित मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना में चयनित तीन लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी 5 लाख 90 हजार रुपये के डेमो चेक दिए गए।

इस अवसर पर लाभार्थियों ने सरकार और दुग्ध विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन योजनाओं से डेयरी व्यवसाय का विस्तार करने में मदद मिलेगी और आय बढ़ाने के नए अवसर मिलेंगे।

योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी

कॉन्क्लेव में उपस्थित किसानों और पशुपालकों को दुग्ध विभाग की विभिन्न योजनाओं, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और मिलने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि सरकार का उद्देश्य आधुनिक डेयरी प्रणाली को बढ़ावा देना, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि करना और पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

साथ ही प्रतिभागियों को वैज्ञानिक पशुपालन, बेहतर नस्लों के संरक्षण, संतुलित पशु आहार और आधुनिक डेयरी प्रबंधन के महत्व से भी अवगत कराया गया।

डेयरी व्यवसाय को बताया आय का बेहतर माध्यम

विशेषज्ञों ने कहा कि यदि पशुपालक आधुनिक तकनीकों को अपनाते हैं और सरकारी योजनाओं का सही लाभ उठाते हैं, तो कम लागत में बेहतर उत्पादन हासिल किया जा सकता है। इससे न केवल दूध उत्पादन बढ़ेगा बल्कि किसानों की आमदनी में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।

उन्होंने पशुपालकों को पशुओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण और स्वच्छ डेयरी प्रबंधन अपनाने की भी सलाह दी।

बड़ी संख्या में पहुंचे किसान और पशुपालक

कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कृषि विशेषज्ञ, पशुपालन विभाग के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में किसान और पशुपालक मौजूद रहे। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर योजनाओं और डेयरी व्यवसाय से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम का संचालन अंजनि कुमार दूबे ने किया।

निष्कर्ष

गोंडा में आयोजित जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव पशुपालकों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने और डेयरी क्षेत्र को नई दिशा देने की महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। सम्मेलन के माध्यम से लाभार्थियों को आर्थिक सहायता के प्रतीक स्वरूप स्वीकृति प्रमाण पत्र और डेमो चेक वितरित किए गए, वहीं आधुनिक डेयरी प्रबंधन और सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी साझा की गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पशुपालक वैज्ञानिक तरीकों और सरकारी योजनाओं का प्रभावी उपयोग करें, तो डेयरी व्यवसाय ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय बढ़ाने का मजबूत माध्यम बन सकता है।

कांवड़ मार्ग पर पेयजल व्यवस्था पर उठे सवाल, श्रद्धालुओं और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के लिए पानी की मांग

रिपोर्टर: सुदेश वर्मा

बागपत। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के बीच बागपत जिले के बिनौली थाना क्षेत्र के बरनावा–शेखपुरा बणी कांवड़ मार्ग पर पेयजल व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, कांवड़ मार्ग पर बड़ी संख्या में शिवभक्तों का आगमन शुरू हो चुका है, लेकिन कुछ स्थानों पर स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की बात कही जा रही है।

बताया जा रहा है कि शेखपुरा बणी क्षेत्र में स्थित पुलिस कंट्रोल रूम पर पीने के पानी की व्यवस्था उपलब्ध है, लेकिन मार्ग पर बने करीब 10 से 12 पुलिस मचानों पर ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों के लिए स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त सुविधा नहीं है। साथ ही यह भी दावा किया जा रहा है कि इस मार्ग से गुजरने वाले कांवड़ियों को भी कुछ स्थानों पर पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में मार्ग पर पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा, यातायात और स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक इंतजाम किए जाते हैं। ऐसे में यदि किसी स्थान पर पेयजल व्यवस्था में कमी है, तो उसे शीघ्र दुरुस्त किया जाना जरूरी माना जा रहा है।

हालांकि, इस संबंध में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि प्रशासन इस मामले में कोई स्पष्टीकरण या कार्रवाई की जानकारी जारी करता है, तो समाचार को उसके अनुसार अपडेट किया जाएगा।

स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि कांवड़ मार्ग पर सभी प्रमुख स्थानों, पुलिस मचानों और विश्राम स्थलों पर स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि शिवभक्तों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

कांवड़ यात्रा 2026: शराब दुकानों पर आबकारी विभाग की सख्त निगरानी, स्टॉक और बिक्री व्यवस्था की हुई जांच

रिपोर्टर: कबीर

कांवड़ यात्रा के दौरान आबकारी विभाग अलर्ट

श्रावण मास की कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान कानून व्यवस्था और शासन के निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए मुजफ्फरनगर आबकारी विभाग पूरी तरह सक्रिय नजर आया। जिलेभर में मदिरा दुकानों पर विशेष निरीक्षण अभियान चलाकर अधिकारियों ने स्टॉक, बिक्री व्यवस्था और निर्धारित मूल्य पर शराब की बिक्री का व्यापक निरीक्षण किया।

अधिकारियों का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। साथ ही सभी लाइसेंसधारकों को नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्टॉक और रिकॉर्ड का किया गया सत्यापन

निरीक्षण अभियान के दौरान आबकारी विभाग की टीम ने विभिन्न मदिरा दुकानों पर उपलब्ध स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया। अधिकारियों ने स्टॉक का रिकॉर्ड से मिलान कर यह जांच की कि कहीं किसी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता तो नहीं है।

सभी दुकानदारों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक बिक्री का रिकॉर्ड सही तरीके से रखा जाए और विभागीय नियमों का पूरी तरह पालन किया जाए।

पीओएस मशीन से बिक्री के निर्देश

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सभी विक्रेताओं को निर्देश दिया कि मदिरा की 100 प्रतिशत बिक्री केवल पीओएस (POS) मशीन के माध्यम से ही की जाए। इससे बिक्री का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और पारदर्शिता बनी रहेगी।

विभाग का मानना है कि डिजिटल माध्यम से बिक्री होने पर अनियमितताओं की संभावना कम होती है और राजस्व संबंधी रिकॉर्ड भी सही तरीके से दर्ज होता है।

निर्धारित मूल्य पर बिक्री की जांच

शराब की बिक्री निर्धारित मूल्य पर हो रही है या नहीं, इसकी जांच के लिए विभागीय टीम ने विभिन्न दुकानों पर रैंडम टेस्ट परचेज भी किए। इस प्रक्रिया के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया कि ग्राहकों से शासन द्वारा तय मूल्य से अधिक राशि नहीं ली जा रही है।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि ओवररेटिंग या अतिरिक्त धनराशि वसूलने की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कांवड़ मार्ग की दुकानों पर विशेष निगरानी

कांवड़ यात्रा को देखते हुए विशेष रूप से कांवड़ मार्ग पर स्थित मदिरा दुकानों की निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने इन दुकानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

दुकानदारों से कहा गया कि वे दुकान परिसर में साफ-सफाई बनाए रखें, अनावश्यक भीड़ एकत्र न होने दें और ग्राहकों के साथ शालीन व्यवहार करें।

नियमों का पालन करने के निर्देश

आबकारी विभाग ने सभी लाइसेंसधारकों को निर्देश दिया कि वे विभाग द्वारा जारी सभी नियमों का पूरी तरह पालन करें। किसी भी प्रकार की अवैध बिक्री, रिकॉर्ड में गड़बड़ी या नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना और शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

लगातार जारी रहेगा निरीक्षण अभियान

आबकारी विभाग के अनुसार, यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। कांवड़ यात्रा समाप्त होने तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में नियमित रूप से निरीक्षण जारी रहेगा।

विभागीय टीमें समय-समय पर दुकानों की जांच करेंगी और आवश्यकतानुसार स्टॉक, रिकॉर्ड तथा बिक्री व्यवस्था का सत्यापन करती रहेंगी।

आमजन से भी सहयोग की अपील

विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली, अवैध बिक्री या किसी अन्य प्रकार की अनियमितता दिखाई दे तो इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें। समय पर मिली जानकारी के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।

अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन और आमजन के सहयोग से ही नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जा सकता है।

निष्कर्ष

कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान मुजफ्फरनगर आबकारी विभाग द्वारा चलाया जा रहा विशेष निरीक्षण अभियान नियमों के अनुपालन और पारदर्शी व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्टॉक सत्यापन, पीओएस मशीन से बिक्री, निर्धारित मूल्य की जांच और कांवड़ मार्ग की दुकानों पर विशेष निगरानी के माध्यम से विभाग व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने का प्रयास कर रहा है।

प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

कांवड़ यात्रा 2026: चिकित्सा शिविरों का सीएमओ ने किया औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर सख्त निर्देश

रिपोर्टर: कबीर

कांवड़ यात्रियों की स्वास्थ्य सुरक्षा पर विशेष फोकस

श्रावण मास की कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान लाखों शिवभक्तों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए मुजफ्फरनगर स्वास्थ्य विभाग पूरी सक्रियता के साथ कार्य कर रहा है। इसी क्रम में बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुनील तेवतिया ने विभिन्न कांवड़ चिकित्सा शिविरों और कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण का उद्देश्य चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता, संसाधनों की उपलब्धता और आपातकालीन तैयारियों का मूल्यांकन करना था, ताकि श्रद्धालुओं को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

कई चिकित्सा शिविरों का किया निरीक्षण

सीएमओ ने नहर पटरी मार्ग पर स्थित चित्तौड़ा, सराय, सठेड़ी, नावला कोठी सहित खतौली क्षेत्र में स्थापित कांवड़ चिकित्सा शिविरों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रत्येक शिविर में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का विस्तार से अवलोकन किया।

निरीक्षण के दौरान डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई तथा यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि सभी चिकित्सा सेवाएं सुचारु रूप से संचालित होती रहें।

दवाओं और चिकित्सा सुविधाओं की जांच

निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने चिकित्सा शिविरों में उपलब्ध दवाओं, आवश्यक चिकित्सकीय उपकरणों, एंबुलेंस सेवाओं और डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति की समीक्षा की।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी शिविर में दवाओं या चिकित्सा संसाधनों की कमी नहीं होनी चाहिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी श्रद्धालु को उपचार के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।

लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

सीएमओ ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि सभी चिकित्सा शिविरों में पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ कार्य करें।

उन्होंने कहा कि यदि निरीक्षण के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कंट्रोल रूम की व्यवस्थाओं की भी हुई समीक्षा

चिकित्सा शिविरों के निरीक्षण के बाद सीएमओ खतौली स्थित कांवड़ कंट्रोल रूम पहुंचे। यहां उन्होंने निगरानी व्यवस्था, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की समीक्षा की।

उन्होंने निर्देश दिए कि कंट्रोल रूम से सभी चिकित्सा शिविरों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

24 घंटे उपलब्ध रहेंगी स्वास्थ्य सेवाएं

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कांवड़ यात्रा के दौरान जिले में स्थापित सभी चिकित्सा शिविरों पर चौबीसों घंटे डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, आवश्यक दवाएं और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

इसके अलावा एंबुलेंस सेवाओं को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाया जा सके।

श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता

अधिकारियों ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य विभाग का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक श्रद्धालु को समय पर सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी चिकित्सा टीमों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

साथ ही चिकित्सा शिविरों में साफ-सफाई, पर्याप्त पेयजल और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने श्रद्धालुओं से की अपील

स्वास्थ्य विभाग ने कांवड़ यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान यदि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी महसूस हो तो नजदीकी चिकित्सा शिविर में तुरंत संपर्क करें। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाओं का सेवन न करें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।

विभाग ने यह भी सलाह दी कि अत्यधिक थकान, चक्कर, बुखार या अन्य स्वास्थ्य समस्या होने पर यात्रा जारी रखने के बजाय तुरंत चिकित्सा सहायता प्राप्त करें।

निष्कर्ष

कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा किए गए औचक निरीक्षण से यह स्पष्ट होता है कि स्वास्थ्य विभाग श्रद्धालुओं की सुरक्षा और बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है। चिकित्सा शिविरों और कंट्रोल रूम की नियमित समीक्षा से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रा के दौरान प्रत्येक श्रद्धालु को समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं मिलें और किसी भी आपात स्थिति का त्वरित एवं प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।