रिपोर्टर: कबीर
कांवड़ यात्रियों की स्वास्थ्य सुरक्षा पर विशेष फोकस
श्रावण मास की कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान लाखों शिवभक्तों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए मुजफ्फरनगर स्वास्थ्य विभाग पूरी सक्रियता के साथ कार्य कर रहा है। इसी क्रम में बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुनील तेवतिया ने विभिन्न कांवड़ चिकित्सा शिविरों और कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण का उद्देश्य चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता, संसाधनों की उपलब्धता और आपातकालीन तैयारियों का मूल्यांकन करना था, ताकि श्रद्धालुओं को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
कई चिकित्सा शिविरों का किया निरीक्षण
सीएमओ ने नहर पटरी मार्ग पर स्थित चित्तौड़ा, सराय, सठेड़ी, नावला कोठी सहित खतौली क्षेत्र में स्थापित कांवड़ चिकित्सा शिविरों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रत्येक शिविर में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का विस्तार से अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई तथा यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि सभी चिकित्सा सेवाएं सुचारु रूप से संचालित होती रहें।
दवाओं और चिकित्सा सुविधाओं की जांच
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने चिकित्सा शिविरों में उपलब्ध दवाओं, आवश्यक चिकित्सकीय उपकरणों, एंबुलेंस सेवाओं और डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति की समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी शिविर में दवाओं या चिकित्सा संसाधनों की कमी नहीं होनी चाहिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी श्रद्धालु को उपचार के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
सीएमओ ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि सभी चिकित्सा शिविरों में पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ कार्य करें।
उन्होंने कहा कि यदि निरीक्षण के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कंट्रोल रूम की व्यवस्थाओं की भी हुई समीक्षा
चिकित्सा शिविरों के निरीक्षण के बाद सीएमओ खतौली स्थित कांवड़ कंट्रोल रूम पहुंचे। यहां उन्होंने निगरानी व्यवस्था, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की समीक्षा की।
उन्होंने निर्देश दिए कि कंट्रोल रूम से सभी चिकित्सा शिविरों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
24 घंटे उपलब्ध रहेंगी स्वास्थ्य सेवाएं
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कांवड़ यात्रा के दौरान जिले में स्थापित सभी चिकित्सा शिविरों पर चौबीसों घंटे डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, आवश्यक दवाएं और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
इसके अलावा एंबुलेंस सेवाओं को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाया जा सके।
श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता
अधिकारियों ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य विभाग का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक श्रद्धालु को समय पर सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी चिकित्सा टीमों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही चिकित्सा शिविरों में साफ-सफाई, पर्याप्त पेयजल और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने श्रद्धालुओं से की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने कांवड़ यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान यदि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी महसूस हो तो नजदीकी चिकित्सा शिविर में तुरंत संपर्क करें। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाओं का सेवन न करें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
विभाग ने यह भी सलाह दी कि अत्यधिक थकान, चक्कर, बुखार या अन्य स्वास्थ्य समस्या होने पर यात्रा जारी रखने के बजाय तुरंत चिकित्सा सहायता प्राप्त करें।
निष्कर्ष
कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा किए गए औचक निरीक्षण से यह स्पष्ट होता है कि स्वास्थ्य विभाग श्रद्धालुओं की सुरक्षा और बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है। चिकित्सा शिविरों और कंट्रोल रूम की नियमित समीक्षा से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रा के दौरान प्रत्येक श्रद्धालु को समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं मिलें और किसी भी आपात स्थिति का त्वरित एवं प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।