रिपोर्टर: संदीप वर्मा
बाराबंकी। जिले में डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने और पशुपालकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव का आयोजन विकास भवन सभागार में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन दुग्ध विकास विभाग और पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष एवं प्रशासक राजरानी रावत मुख्य अतिथि रहीं। वहीं भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष राम सिंह वर्मा और अयोध्या दुग्ध संघ के सभापति आनंद कुमार सिंह ‘मोनी’ विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
28 लाभार्थियों को मिले चयन पत्र
कार्यक्रम के दौरान नंदबाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए चयनित 28 लाभार्थियों (14 पुरुष एवं 14 महिला) को चयन एवं अनुमति पत्र वितरित किए गए।
लाभार्थियों को निर्देशित किया गया कि वे दो माह के भीतर गिर, साहीवाल, थारपारकर या हरियाणा नस्ल की दो स्वदेशी गायों का क्रय कर अनुदान के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पोर्टल पर आवेदन करें।
डेयरी योजनाओं की दी गई जानकारी
कॉन्क्लेव के दौरान लखनऊ मुख्यालय से ऑनलाइन माध्यम (जूम लिंक) के जरिए विभिन्न विभागीय योजनाओं, आर्थिक सहायता, अनुदान, प्रशिक्षण और क्षमता विकास कार्यक्रमों की जानकारी साझा की गई।
उपायुक्त स्वतः रोजगार सुनील कुमार कौशल ने डेयरी व्यवसाय और समूह गठन पर जानकारी दी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विनोद कुमार ने नंदिनी कृषक समृद्धि योजना सहित अन्य योजनाओं की जानकारी दी।
वहीं उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. श्रद्धा सचान ने चारा प्रबंधन तथा पशुपालन विभाग की योजनाओं पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. सुरजीत सिंह ने पशु रोगों की रोकथाम और नियंत्रण संबंधी जानकारी दी।
डेयरी व्यवसाय को लाभकारी बनाने पर जोर
नंदबाबा दुग्ध मिशन के नोडल अधिकारी प्रदीप कुमार वर्मा ने डेयरी नीति-2022, मूल्य संवर्धन और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य दुग्ध उत्पादकों और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना तथा डेयरी व्यवसाय को अधिक लाभकारी बनाना है।
डेयरी कंपनियों ने लगाए स्टॉल
कार्यक्रम में स्वदेश मिल्क, ज्ञान डेयरी, मित्र सेवा डेयरी और पराग सहित विभिन्न डेयरी कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाए। कार्यक्रम में लगभग 200 किसान और लाभार्थियों ने भाग लिया। समापन के बाद स्टॉलों पर किसानों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली।
