रिपोर्ट – हरीश

हमीरपुर। पूर्व सैनिकों ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर देश में सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के साथ हो रहे कथित उत्पीड़न पर गहरी चिंता व्यक्त की है। पूर्व सैनिकों ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पत्र में बताया गया है कि सभी पूर्व सैनिक देश के संविधान में पूर्ण आस्था रखते हैं और देश की संप्रभुता व अखंडता की रक्षा के लिए आज भी सर्वोच्च बलिदान देने को तत्पर हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक सैनिक ईमानदारी और सच्चाई के साथ वर्दी धारण करता है, इसलिए उसके जीवन में देशभक्ति और ईमानदारी सर्वोपरि होती है।
पूर्व सैनिकों ने आरोप लगाया है कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में सैनिकों और उनके परिवारों के साथ उत्पीड़न की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उनका कहना है कि पहले आम जनता द्वारा होने वाली घटनाएं सामने आती थीं, लेकिन अब पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर भी ऐसी शिकायतें मिल रही हैं, जो चिंताजनक है।

उन्होंने यह भी कहा कि जब प्रशासन और शासन में बैठे लोगों को कानून का भय नहीं रहता, तो सैनिकों के साथ अन्याय की घटनाएं बढ़ने लगती हैं। पूर्व सैनिकों ने बताया कि भारत सरकार द्वारा सैनिकों के हितों की रक्षा के लिए कई नियम बनाए गए हैं, लेकिन उनका सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है।
पूर्व सैनिकों ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की सुरक्षा व सम्मान सुनिश्चित करने के लिए तत्काल सख्त कदम उठाए जाएं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश देने की भी अपील की है।

