रिपोर्ट – कबीर


मुजफ्फरनगर। रेलवे स्टेशन स्थित ट्यूलिप बैंकट हॉल मे रंग, उमंग और उल्लास से सराबोर हो उठा, जब भारत विकास परिषद मुजफ्फरनगर ‘मेन’ शाखा ने होली के उपलक्ष्य में भव्य ‘रंग पर्व’ का आयोजन किया। कार्यक्रम में परिषद के सदस्यों ने सपरिवार सहभागिता कर प्रेम, सौहार्द और भाईचारे के रंगों से वातावरण को सराबोर कर दिया।
सायं सात बजे दीप प्रज्वलन और वंदे मातरम् के साथ समारोह का शुभारंभ हुआ। फूलों की होली, रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और मधुर गीत-संगीत ने ऐसा समां बांधा कि पूरा सभागार तालियों की गूंज से देर तक गूंजता रहा।
शाखा अध्यक्ष संजय मिश्रा ने उपस्थितजनों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रंगों का यह पावन पर्व समाज में एकता, आत्मीयता और समरसता का संदेश देता है। नीतू मिश्रा ने भी सभी को होली की बधाई देते हुए आपसी सौहार्द को और मजबूत करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल रहे। उनके साथ संरक्षक मंडल के हर्षवर्धन जैन (प्रांतीय मार्गदर्शक) एवं अशोक सिंघल (प्रांतीय प्रभारी – राष्ट्रीय पर्व) का विशेष मार्गदर्शन कार्यक्रम को प्राप्त हुआ। अतिथियों ने परिषद की सामाजिक सक्रियता की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला बताया।
वीणा वादिनी म्यूजिकल पार्टी ने अपने सुरों की मिठास से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। रेशु गुप्ता, जय कुमार, अनुज वर्मा और चित्रा की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। डॉ. अंजलि गर्ग ने “होली में मोहे रंग दे ऐसी सांवरिया” गीत प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी, जबकि प्रीत वर्धन शर्मा ने हास्य रस की फुहार से माहौल को ठहाकों से भर दिया।
कार्यक्रम की संयोजिकाओं—वंदना शर्मा, मीनू गर्ग, डॉ. रश्मि विनायक, मंजूषा राठी, सुनीता शर्मा, अंजना कुशवाहा, मीना गुप्ता, प्रियंका शर्मा, सुनीता शाह, रूचि मित्तल, मनीषा गर्ग और श्वेता अग्रवाल—ने आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। परिषद पदाधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत कर स्मृति चिन्ह भेंट किए। संचालन वंदना शर्मा और सुनीता शाह ने प्रभावी अंदाज में किया।
समारोह के अंत में सभी ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। शाखा अध्यक्ष और संरक्षक मंडल के उद्बोधन तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसके बाद सभी ने सामूहिक भोज का आनंद लिया।
रंग, संस्कृति और सामाजिक समरसता से सजा यह आयोजन न केवल उत्सव का प्रतीक बना, बल्कि परिषद की संगठनात्मक एकता और सक्रियता का जीवंत उदाहरण भी साबित हुआ।
