रिपोर्ट – कबीर


मुजफ्फरनगर। शहर के संधावली अंडरपास पर सोमवार देर रात उस समय गोलियों की गूंज सुनाई दी जब अवैध शस्त्रों की बड़ी खेप लेकर जा रहे दो शातिर तस्करों की थाना सिविल लाइन पुलिस से मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गए और मौके पर ही दबोच लिए गए।
सिविल लाइन पुलिस टीम संधावली अंडरपास के पास संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बाईपास हाईवे की ओर से आ रही बिना नंबर प्लेट की टाटा नेक्सॉन कार को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक ने वाहन मोड़कर भागने की कोशिश की। जल्दबाजी में गाड़ी खेत में जा घुसी।
कार से उतरे दोनों आरोपियों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी और खेतों की ओर भागने लगे। पुलिस टीम बाल-बाल बची और तत्काल घेराबंदी कर आत्मसमर्पण की चेतावनी दी। चेतावनी के बावजूद बदमाशों ने दोबारा फायर किया। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें रक्षित त्यागी उर्फ दक्ष पुत्र विक्रांत त्यागी उर्फ विक्की त्यागी निवासी पावटी थाना चरथावल और ऋतिक त्यागी उर्फ गोलू पुत्र स्वर्गीय दिनेश त्यागी निवासी ग्राम भूमि थाना सरूरपुर जनपद मेरठ घायल हो गए।
मौके से पुलिस ने 32 बोर की चार पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, 315 बोर के दो तमंचे, दो जिंदा कारतूस, घटना में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट की टाटा नेक्सॉन कार और दो मोबाइल फोन बरामद किए। घायल बदमाशों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे इंदौर से सस्ते दामों में अवैध असलाह खरीदकर आसपास के जिलों में ऊंचे दामों पर बेचते थे। सोमवार को भी वे सप्लाई देने निकले थे, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के आगे उनकी योजना धरी रह गई।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक रक्षित त्यागी पर हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह एक मामले में वांछित भी चल रहा था। वहीं ऋतिक त्यागी पर भी आर्म्स एक्ट और जानलेवा हमले के मुकदमे दर्ज हैं।
प्रभारी निरीक्षक आशुतोष कुमार के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई को पुलिस बड़ी कामयाबी मान रही है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध हथियारों की सप्लाई चेन को ध्वस्त करने के लिए अभियान और तेज किया जाएगा तथा आरोपियों के अन्य नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
