रिपोर्ट – कबीर


मुजफ्फरनगर। फाल्गुन की पूर्णिमा पर जैसे ही संध्या ढली, शहर के मोहल्लों में आस्था की ज्योति प्रज्ज्वलित हो उठी। होली के पावन अवसर पर महिलाओं ने पूरे विधि-विधान और पारंपरिक उत्साह के साथ होलिका पूजन किया। मंडी क्षेत्र के पटेलनगर से लेकर गांधी कालोनी, सुभाष नगर, बचनसिंह कालोनी, राधिकापुरम, आदर्श कालोनी, अंकित विहार, लालबाग, वर्मा पार्क, प्रेमपुरी, रामपुरी बाग, जानकीदास, जनकपुरी, इंद्रा कॉलोनी, आनन्द पुरी, जाट कालोनी, लक्ष्मण विहार, अग्रसेन विहार, अवध विहार, मीनाक्षीपुरम, नई मंडी रामलीला टिल्ला, मिमलाना रोड और एकता विहार कॉलोनी सहित दर्जनों स्थानों पर देर रात तक पूजन-अर्चन का सिलसिला चलता रहा।
सजी-धजी महिलाएं पारंपरिक परिधानों में होलिका की परिक्रमा करती रहीं। हाथों में पूजा की थाली, माथे पर तिलक और होंठों पर मंगलगीत—हर दृश्य भक्ति और उल्लास से सराबोर दिखाई दिया। महिलाओं ने परिवार की सुख-समृद्धि, संतानों की उन्नति और घर-आंगन में खुशहाली की कामना करते हुए अग्नि की परिक्रमा की। कई स्थानों पर पारंपरिक फाग और होली के लोकगीतों की मधुर गूंज ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। बच्चे और युवा भी उत्साह से लबरेज नजर आए, मानो रंगों के पर्व से पहले आस्था का यह उत्सव ही उनके लिए सबसे बड़ा उल्लास हो।
पर्व को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा स्वयं पुलिस बल के साथ शहर में लगातार भ्रमण करते रहे। संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। पुलिस की सक्रिय गश्त और चप्पे-चप्पे पर निगरानी के चलते कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। पूरे जनपद में शांति, सौहार्द और भाईचारे का संदेश गूंजता रहा।
केवल शहर ही नहीं, बल्कि जिले के कस्बों और ग्रामीण अंचलों में भी होलिका पूजन पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। प्रशासन की सतर्कता और नागरिकों के सहयोग ने यह साबित कर दिया कि मुजफ्फरनगर में त्योहार केवल परंपरा नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक सद्भाव का प्रतीक हैं।
रंगों की बौछार से पहले आस्था की इस अग्नि ने बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश एक बार फिर जीवंत कर दिया।
