रिपोर्ट सुभाष मण्डल/बहरमपुर/पश्चिम बंगाल।


प. बंग SIR प्रक्रिया में न्यायिक निगरानी सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट को निष्पक्षता सुनिश्चित करने हेतु 150 न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति का अनुरोध किया, जिसमें 20 फरवरी 2026 की सुनवाई में हाईकोर्ट को जिला जजों की तैनाती का निर्देश दिया गया ।
हाईकोर्ट ने इसके लिए सात न्यायाधीशों का पैनल गठित किया, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची में ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ वाली असंगतियों का पूर्ण प्रकटीकरण सुनिश्चित करना है, इसे असाधारण स्थिति घोषित करते हुए न्यायिक हस्तक्षेप आवश्यक ठहराया।
मुरशिदाबाद में समन्वय बैठक-गतकाल मुरशिदाबाद के बहरमपुर सर्किट हाउस में 11 स्थानीय जजों संग जिलाधिकारी, अतिरिक्त DM, दो पुलिस अधीक्षक एवं 26 ब्लॉकों के BDO उपस्थित रहे, जहां प्रशासनिक एवं कानून-व्यवस्था के सभी पहलुओं पर चर्चा कर सुनवाई प्रक्रिया प्रारंभ करने की तैयारी हुई।
सूत्रों के अनुसार, माइक्रो ऑब्जर्वर व राज्य प्रतिनिधि जजों के निर्णय में सहायता करेंगे; जिला-स्तरीय फैसलों पर आपत्ति होने पर सात जजों का पैनल अंतिम निर्णय लेगा।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं एवं संवैधानिक संदेश में राज्य सरकार का दावा है कि सुप्रीम कोर्ट ने उनकी युक्ति को मान्यता दी, जबकि विपक्षी BJP इसे सरकार के संवैधानिक अवज्ञा का प्रमाण मान शासकीय सबक बताती है, जो राज्य-कमीशन विवाद में न्यायपालिका की सर्वोच्चता रेखांकित करता है।
