रिपोर्ट -एकरार खान


जनहित से जुड़े लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। आरोप है कि विगत तीन वर्षों से अधिक के कार्यकाल में उन्होंने कर्मचारी, कृषक एवं जनहित के विपरीत कार्य करते हुए नलकूप विभाग की छवि को धूमिल किया है।
सूत्रों व शिकायतकर्ताओं का कहना है कि अधिशासी अभियंता द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया गया। आरोप यह भी है कि वे स्वयं को माननीय मुख्यमंत्री के गृह जनपद का निवासी एवं नजदीकी संबंध का हवाला देकर विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों पर दबाव बनाते रहे, जिससे शिकायतें दब जाती रहीं और कार्रवाई नहीं हो सकी।
कृषकों का आरोप है कि सिंचाई से जुड़े कार्यों में अनियमितता, भुगतान में गड़बड़ी और मनमानी रवैये के कारण उन्हें भारी परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि कार्यप्रणाली में पारदर्शिता का अभाव है और नियमों को ताक पर रखकर फैसले लिए गए।
मामले को लेकर समाजसेवियों एवं जागरूक नागरिकों ने समस्त प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों से अपील की है कि वे निर्भीक होकर इस पूरे कार्यकाल की निष्पक्ष जांच की मांग को मजबूती से उठाएं। उनका कहना है कि यदि ईमानदार और स्वतंत्र जांच हो जाए तो सच्चाई स्वयं सामने आ जाएगी और दोषी को कानून के अनुसार सजा मिलेगी।
अब देखना यह है कि शासन-प्रशासन इस गंभीर आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या नलकूप विभाग में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार पर जांच की आंच पहुंचती है या नहीं।
