रिपोर्ट – कबीर

मुज़फ्फरनगर। जिले के गांवों में महिलाओं के सशक्तिकरण की अलख जगा रही महिला मोर्चा क्रांति सेना ने मंगलवार को वहलना गांव में ताकत का बड़ा प्रदर्शन किया। जिला प्रभारी रानी चौधरी के आवास पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में संगठन की पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर साफ संदेश दिया कि अब महिलाओं के हक की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ी जाएगी।
बैठक में जिलाध्यक्ष पूनम चौधरी, क्रांति सेना अध्यक्ष मुकेश त्यागी, नगर अध्यक्ष देवेंद्र चौहान समेत उज्जवल पंडित, हेमू, पूनम चाहल, मिथिलेश गिरी, राखी प्रजापति, सुमन प्रजापति, आरती पाल, प्रमिता शर्मा और अनीता ठाकुर सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने संगठन की बढ़ती ताकत का अहसास कराया।

बैठक के केंद्र में तीन बड़े मुद्दे रहे, जिन पर लंबी और गंभीर चर्चा हुई। महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर सख्त कानून बनाने की मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में आवाज उठाई। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए योजनाओं को तेजी से लागू कराने पर जोर दिया गया। इसके अलावा आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत टिकट देने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा गया, जिसे लेकर कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
जिलाध्यक्ष पूनम चौधरी ने अपने संबोधन में तीखे तेवर दिखाते हुए कहा कि अब महिलाओं के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हम क्रांति सेना हैं। अब चुप्पी नहीं, संघर्ष का समय है।” उन्होंने हर जिले में महिला कमांडो यूनिट बनाने की घोषणा करते हुए कहा कि ये यूनिट न सिर्फ महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए तैयार करेंगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर अन्य महिलाओं की सुरक्षा के लिए भी आगे आएंगी। साथ ही उन्होंने सरकार से हर जिले में 100 प्रतिशत महिला पुलिस थाने खोलने की मांग रखी।
बैठक में कई अहम संकल्प भी पारित किए गए। पूरे प्रदेश में “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बेटी लड़ाओ” अभियान चलाने का निर्णय लिया गया, जिससे महिलाओं में जागरूकता और आत्मविश्वास बढ़ाया जा सके। इसके अलावा हर ब्लॉक स्तर पर महिला मोर्चा क्रांति सेना की शाखाएं खोलने का भी ऐलान किया गया, ताकि गांव-गांव तक संगठन की पकड़ मजबूत हो सके।
वहलना की इस बैठक ने साफ कर दिया है कि मुज़फ्फरनगर में महिला मोर्चा क्रांति सेना अब सिर्फ संगठन नहीं, बल्कि एक आंदोलन का रूप लेती जा रही है, जो आने वाले समय में सियासी और सामाजिक दोनों स्तरों पर बड़ा असर छोड़ सकता

