रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। कनाडा में दो भारतीयों की नृशंस हत्या और बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे धार्मिक भेदभाव, उत्पीड़न और हत्याओं की घटनाओं को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। इसी आक्रोश के तहत सपा कार्यकर्ताओं ने सपा कार्यालय से महावीर चौक तक कैंडल मार्च निकालकर मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
कैंडल मार्च के दौरान पूर्व मंत्री महेश बंसल, सपा नेता सरदार सतनाम सिंह हंसपाल, सोमपाल सिंह कोरी और साजिद हसन ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। नेताओं ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार विदेश नीति के मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हुई है। कनाडा और बांग्लादेश जैसे देशों को भारत की ताकत और सख्त इरादों का स्पष्ट संदेश देने में सरकार नाकाम रही है, जिसका नतीजा यह है कि आज विदेशों में भारतीयों की हत्याएं हो रही हैं और बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार लगातार बढ़ रहे हैं।
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कमजोर विदेश नीति और उद्योगपतियों के लालच में लिए गए फैसलों के कारण विदेशों में भारतीयों को अपमान, उत्पीड़न और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि मोदी सरकार को अपनी कथित कमजोरी छोड़कर विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और भारत के मजबूत, सख्त और आत्मसम्मान से भरे इरादों का स्पष्ट संदेश पूरी दुनिया को देना चाहिए।
कैंडल मार्च में सपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य तहसीन मंसूरी, सपा नेता सोमपाल सिंह कोरी, साजिद हसन, धर्मेंद्र सिंह पंवार नीटू, असद पाशा, दर्शन सिंह धनगर, लोकेंद्र कुमार, सरदार सतनाम सिंह, सरदार तरनजीत सिंह, मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के राष्ट्रीय सचिव फ़हीम अहमद, शमशेर मलिक, चौधरी विकिल गोल्डी अहलावत, समाजवादी बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी की राष्ट्रीय सचिव पूजा अंबेडकर, सपा पिछड़ा वर्ग प्रदेश सचिव सुमित पंवार बारी, यशपाल सिंह चौधरी, तरुण सौदे एडवोकेट, सपा सभासद शहजाद चीकू, हसीब राणा, नदीम खान, नदीम मलिक, नावेद रंगरेज, सतीश जैन, संजीव आर्य, अनुज कुमार गुर्जर, महिला नेत्री सुमन सेन, मीर हसन, वसीम राणा, सलीम अंसारी, सागर कश्यप, हुसैन राणा, डॉ. नूर हसन सलमानी, आयुष चौधरी, इरफान मलिक, फैसल राणा, गुलशेर गुड्डू, अमन गौर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कैंडल मार्च के समापन पर दो मिनट का मौन रखकर मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई और केंद्र सरकार से ठोस, निर्णायक और सख्त कदम उठाने की एकजुट मांग दोहराई गई।
