हिंदू युवा वहिनी का समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला, जिया चौधरी पर अमर्यादित टिप्पणी, संगीत सोम के बयान का खुला समर्थन

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रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। मुज़फ़्फ़रनगर की सियासत एक बार फिर बयानबाज़ी के तूफ़ान में घिरती नजर आ रही है। हिंदू युवा वहिनी के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री प्रहलाद पाहुजा ने समाजवादी पार्टी और उसके जिला अध्यक्ष जिया चौधरी को लेकर बेहद तीखे और विवादित शब्दों का इस्तेमाल करते हुए राजनीतिक तापमान को और बढ़ा दिया है। प्रहलाद पाहुजा ने जिया चौधरी को मानसिक रूप से अस्वस्थ बताते हुए यहां तक कह दिया कि यदि उन्हें अस्पताल में इलाज की आवश्यकता पड़ी तो उसका पूरा खर्च हिंदू युवा वहिनी उठाएगी। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई हैं।


प्रहलाद पाहुजा ने समाजवादी पार्टी को सीधे तौर पर “गुंडा पार्टी” करार देते हुए कहा कि जब यह पार्टी सत्ता में थी, तब इसके नेता कानून को ताक पर रखकर अधिकारियों की कुर्सियों पर चढ़कर बैठते थे और शासन-प्रशासन को खुलेआम चुनौती देते थे। उन्होंने कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद समाजवादी पार्टी के नेता बौखलाहट और हताशा में अनर्गल बयान दे रहे हैं और मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। पाहुजा ने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में सख्त कानून-व्यवस्था लागू होने के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं का “इलाज” हो गया है और अब वे अपनी कुंठा बयानबाज़ी के जरिए निकाल रहे हैं।
इस दौरान हिंदू युवा वहिनी के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री ने पूर्व विधायक संगीत सोम के हालिया बयान का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि संगीत सोम ने जो कुछ कहा है, वह पूरी तरह सही है और हिंदू युवा वहिनी उसका स्वागत करती है। आहूजा ने साफ शब्दों में कहा कि संगीत सोम ने जो मुद्दे उठाए हैं, वे जनभावनाओं से जुड़े हुए हैं और समाजवादी पार्टी जानबूझकर उन्हें गलत रंग देने का प्रयास कर रही है।
इतना ही नहीं, प्रहलाद पाहुजा ने पिंकी चौधरी के समर्थन में भी बयान देते हुए तलवारों को लेकर की गई टिप्पणी को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि जिस तरह तलवारें बाटी जा रही हैं, वह बिल्कुल ठीक है और आगे भी इसी तरह तलवारें बांटी जाएंगी। उनके इस बयान ने सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है और जिले का राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है। कुल मिलाकर, हिंदू युवा वहिनी के इस आक्रामक रुख के बाद समाजवादी पार्टी और अन्य राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं पर भी सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

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