रिपोर्ट – प्रदीप श्रीवास्तव

बहराइच। जनपद के पुलिस लाइन सभागार में एसजेपीयू व एएचटी की मासिक समीक्षा एवं समन्वय बैठक क्षेत्राधिकारी पवन कुमार त्यागी की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिसमें महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा जारी एसओपी में दिये गये दिशा निर्देशों के अनुपालन हेतु थानों पर नियुक्त बाल कल्याण पुलिस अधिकारी के समक्ष आ रही समस्याओं, बाल गुमशुदा, बाल श्रम, बाल विवाह, बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम, बाल श्रम पुनर्वास, मिशन शक्ति फेज-5.0 के सम्बन्ध में विस्तृत चर्चा की गयी व थानों पर महिलाओं व बालक,बालिकाओं से सम्बन्धित लम्बित अभियोगों की विवेचना के निस्तारण में आ रही कठिनाईयों, पॉक्सो के फॉर्म ‘ए’ व ‘बी’ निर्धारित प्रारूप में भरकर सीडब्ल्यूसी को 24 घण्टे के अंदर प्रेषित किये जाने हेतु निर्देशित किया गया तथा बालश्रम, बाल विवाह के प्रकरणों में अपेक्षित कार्यवाही करने हेतु विस्तृत चर्चा की गयी। साथ ही नाबालिग बच्चों से किसी कार्यस्थल पर वर्जित कार्य न कराये जाने तथा बाल भिक्षावृत्ति के विषय पर विस्तृत चर्चा कर बालश्रम व बाल भिक्षावृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाये जाने के सम्बन्ध में बताया गया तथा बच्चों को शासन द्वारा मिलने वाली सहायता हेतु विभिन्न योजनाओं से भी अवगत कराया गया, नाबालिग,पीड़ित बच्चों को सीडब्लूसी के समक्ष पेश किया जाना, बच्चों की बालिग नाबालिग उम्र का निर्धारण करने आदि बिन्दुओं पर चर्चा की गयी तथा विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित कर कार्य योजना बनाते हुए बालश्रम व बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम के सम्बन्ध में विशेष जागरुकता अभियान चलाये जाने हेतु निर्देशित किया गया। तत्पश्चात वर्तमान में चलाये जा रहे 100 दिवसीय अभियान “बाल विवाह मु्क्त भारत” को सफल बनाये जाने तथा प्रभावी कार्यवाही करते हुये लोगों को जागरुक करने हेतु बैठक में उपस्थित समस्त अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा शपथ ली गई। बैठक में सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष सतीश श्रीवास्तव, जिला चिकित्सा विभाग से अमर सिंह, थाना एएचटी प्रभारी प्रहलाद सिंह की टीम साथ सब-इन्स्पेक्टर मोहिनी सिंह,एसएसबी,आरपीएफ,जीआरपी, चाइल्ड लाइन बहराइच से मनीष यादव, एनजीओ प्रथम संस्था, एनजीओ ग्रामीण बोध कल्याण संस्थान, एनजीओ मानव सेवा संस्थान, एनजीओ रोसा संस्थान, एन्टी रोमियो टीम तथा अन्य विभागों के अधिकारी,कर्मचारीगण एवं सभी थानों के बाल कल्याण अधिकारी मौजूद रहे।
