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किसान सेना का अनिश्चितकालीन धरना शुरू, सिंचाई विभाग पर गंभीर आरोप

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ह्यूम पाइप उखाड़े जाने के विरोध में किसान लामबंद, विभाग पर मनमानी का आरोप

रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर के रुड़कली क्षेत्र में किसानों का गुस्सा आज फूट पड़ा। किसान सेना (अ) की अगुवाई में सैकड़ों किसान सिंचाई विभाग के दफ़्तर के बाहर जमा हुए और अनिश्चितकालीन धरने का एलान कर दिया। किसानों का आरोप है कि उनकी सहमति के बिना खेतों की सिंचाई के लिए लगी मुख्य ह्यूम पाइप को उखाड़ दिया गया, जिससे इस वक्त खड़ी रबी की फसलें बर्बादी के कगार पर हैं। आज दिनांक 27 नवंबर 2025 की सुबह से ही रुड़कली व आसपास के क्षेत्रों के किसान तालाब अली (रूड़कली) से निकलने वाली सिंचाई लाइन की बहाली की मांग को लेकर एकजुट होकर सड़क पर उतर आए। किसान सेना (अ) के जिला अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद उसमान रुड़कली की अगुवाई में दर्जनों ट्रैक्टर और वाहन विभागीय कार्यालय के बाहर पहुंचे और धरना-प्रदर्शन शुरू हुआ।

किसानों ने बताया कि वर्षों से चली आ रही ह्यूम पाइप को अचानक और बिना किसी आधिकारिक सूचना के उखाड़ दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार, विभाग ने सिर्फ एक किसान की समस्या बताकर पाइप हटाई, जबकि इसका उपयोग पूरे इलाके के किसान अपनी फसलें निकालने के लिए करते थे।

किसानों का कहना है कि यह कार्रवाई पूर्णतः असंवैधानिक और बिना किसी तकनीकी जांच के की गई है। कई किसानों ने बताया कि पाइप हटने से पानी खेतों में भर गया, जिसकी वजह से कई किसानों की पकी हुई फसलें चौपट होने लगी हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक पाइप हटाने की प्रक्रिया के दौरान विवाद की स्थिति पैदा हो गई थी। झगड़े में चार किसानों के पट्टे टूट गए थे, वहीं दो किसानों पर मुकदमा भी लिखा गया, लेकिन विभाग ने इस विवाद को शांत कराने के बजाय और ज्यादा बढ़ा दिया। किसानों का कहना है कि विभाग की इस कार्रवाई ने गांव में तनाव खड़ा कर दिया है और किसान न्याय के लिए मजबूर होकर धरने पर बैठे हैं।

धरना स्थल पर पहुंचने वाले किसानों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। किसान नेताओं का कहना है कि जब तक विभाग सार्वजनिक रूप से यह बताए कि बिना नोटिस के यह कार्रवाई क्यों की गई, और जब तक सिंचाई लाइन बहाल नहीं होती, तब तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।

किसान सेना (अ) ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग पर कुछ लोगों का दबाव है, जिसके कारण एक किसान की सुविधा के लिए बाकी किसानों का नुकसान किया गया है। किसानों ने कहा कि अगर उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन जिलाधिकारी कार्यालय तक बढ़ाया जाएगा और प्रदेश स्तर पर भी संघर्ष तेज किया जाएगा।

हालांकि विभागीय अधिकारी अभी तक धरना स्थल नहीं पहुंचे हैं, जिससे किसानों में आक्रोश और बढ़ गया है।

सिंचाई विभाग ने बिना नोटिस और बिना जांच के हमारी मुख्य ह्यूम पाइप तोड़ दी। किसानों की फसलें खतरे में हैं। हम साफ कह देते हैं—जब तक लाइन बहाल नहीं होगी और जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होगी, धरना जारी रहेगा।”
स्थानीय किसान
“पूरे गांव की फसलें इस पाइप पर निर्भर हैं। सिर्फ एक किसान की शिकायत पर पूरी लाइन हटाना समझ से परे है। यह किसानों के साथ सीधा अन्याय है, इसे हम किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
ग्रामीण प्रतिनिधि
“विवाद में किसानों के पट्टे टूटे, मुकदमे दर्ज हुए लेकिन विभाग ने हमारी समस्या नहीं सुनी। अब हमारे पास धरने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, हम यहीं बैठे रहेंगे।”

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