असोथर पुलिस पर दलित परिवार से मारपीट का आरोप, पीड़िता को सिर पर चोट — पुलिस बोली, लगाए गए आरोप निराधार

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रिपोर्ट – अनिल कुमार

फतेहपुर। असोथर थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाली तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग सवालों के घेरे में आ गया है। वायरल वीडियो में दो युवतियों और दो महिलाओं के साथ थाने परिसर में कथित रूप से पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि 10 से 12 पुलिसकर्मियों ने थाने के बाहर और अंदर युवती को लात-घूंसों और बेल्ट से पीटा, जिससे उसे सिर में गंभीर चोटें आईं। चिकित्सीय रिपोर्ट में चोट के निशान दर्ज किए गए हैं।

जानकारी के अनुसार, पीड़िता दीपिका के परिजनों ने बताया कि उसकी बड़ी मम्मी ने किसी व्यापारी को सूअर बेचा था। पैसे को लेकर हुए विवाद में व्यापारी और परिवार के बीच कहासुनी हो गई। व्यापारी ने थाने में शिकायत की तो पुलिस टीम कौडर गांव पहुंची और परिवार को थाने बुलाया। परिजनों का आरोप है कि जब महिलाएं और उनकी बेटियां थाने पहुंचीं तो पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्रता की और थाने के अंदर ही पिटाई शुरू कर दी।

पीड़िता का कहना है कि पिटाई के बाद पुलिस ने उसका धारा 151 में चालान कर दिया, जबकि सिर पर लगी गंभीर चोट के बावजूद मेडिकल जांच नहीं कराई गई। परिवार का कहना है कि दीपिका की तबीयत लगातार बिगड़ रही है और उसे उल्टियां आ रही हैं। युवती की 22 नवंबर को शादी तय है, जिससे परिवार बेहद परेशान है।

वायरल वीडियो और तस्वीरों में थाने परिसर की बदहाली और अव्यवस्था भी साफ दिखाई दे रही है, जिससे पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि वायरल वीडियो, फोटो की लेखक और समाचार पत्र पुष्टि नहीं करता।

वहीं, इस पूरे प्रकरण पर थाना प्रभारी अभिलाष तिवारी ने बताया कि सुअर खरीदने आए लोगों पर मारपीट कर उन्हें घायल किया गया था। उसी मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को हिरासत में लेकर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। एक आरोपी फरार चल रहा है। उसी को बचाने के लिए पुलिस के खिलाफ झूठे वीडियो और फोटो वायरल किए जा रहे हैं। पुलिस ने किसी के साथ मारपीट नहीं की है। सभी आरोप बेबुनियाद हैं।

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