रिपोर्ट – अनिल कुमार

फतेहपुर। यूपी के फतेहपुर का जिला अस्पताल इन दिनों अव्यवस्थाओं से भरा पड़ा है। जहां डॉक्टरों की मनमानी और लापरवाही मरीजों के लिए बन रही है बड़ी परेशानी।ओपीडी कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी-लंबी लाइनें सिस्टम की पोल खोलती नजर आ रही हैं। ऑर्थो सर्जन ओपीडी कक्ष से नदारत मिले,और इलाज के लिए आए मरीज डॉक्टर के इंतजार में परेशान होते दिखे।जिला अस्पताल की ओपीडी में सुबह से ही मरीजों की भारी भीड़ जुट जाती है।इलाज कराने आए मरीजों को पहले पर्चा काउंटर के लिए लाइन लगानी पड़ती है, फिर डॉक्टर से परामर्श के लिए अलग लाइन,और उसके बाद दवा काउंटर पर भी लंबी लाइन लगानी पड़ती है।यानी इलाज से पहले ही मरीज थक-हार जाते हैं।ओपीडी कक्ष के बाहर बैठने की जगह न मिलने पर लोग जमीन पर बैठकर डॉक्टर के आने का इंतजार करते दिखे। कई मरीजों का कहना है कि डॉक्टर समय पर नहीं आते, घंटों इंतजार करने के बाद भी इलाज नहीं मिल पाता। मरीजों की परेशानी बढ़ती जा रही है लेकिन जिम्मेदारों पर कोई असर नहीं दिख रहा।
वहीं इस पूरे मामले पर सीएमएस राजेश कुमार शर्मा का कहना है कि जो डॉक्टर मौजूद नहीं थे, उन्हें अनुपस्थित कर दिया गया है।एक सीनियर डॉक्टर सुबह 12 बजे तक ओपीडी कर चुके थे,लेकिन तबीयत थोड़ी खराब होने के कारण वे चले गए।सीएमएस ने बताया कि डॉक्टर से इस मामले में लिखित स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चाहे जितने दावे करे,मगर जिला अस्पताल की हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।मरीजों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रहीं,और सिस्टम की यह लापरवाही सवाल खड़ा करती है ।
