रिपोर्ट – एकरार खान

गाजीपुर। अंधऊ स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज एक बार फिर विवादों के घेरे में है। कॉलेज के प्रधानाचार्य विवेक कुमार पर कई गंभीर आरोप लगे हैं, जिनमें छात्रों के हॉस्टल बंद रहने, छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय की बेहद खराब स्थिति और कॉलेज परिसर की साफ-सफाई में भारी लापरवाही जैसे मुद्दे शामिल हैं। स्थानीय शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कॉलेज में नई नियुक्ति के बाद से ही व्यवस्थाएं पूरी तरह से चरमराई हुई हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि “प्रधानाचार्य को आए हुए मात्र एक माह चार दिन ही हुए हैं, लेकिन इस अल्प अवधि में ही उन्होंने कागज़ों पर लाखों रुपये के फर्जी खर्च दिखाकर घोटाला कर लिया है।”

कॉलेज की वर्तमान स्थिति देखकर साफ अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि रखरखाव और सफाई व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित है। विद्यालय प्रांगण चारों ओर से बड़ी-बड़ी घासों से घिरा हुआ है, जिससे वहां न केवल बदसूरती फैली है, बल्कि मच्छरों और कीटों का प्रकोप भी बढ़ गया है। इसके अलावा कॉलेज परिसर में जल निकासी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है, जिसके चलते जगह-जगह बरसाती पानी जमा हुआ है। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि छात्रों और छात्राओं के लिए शौचालयों की हालत बेहद दयनीय है — दरवाज़े टूटे हुए हैं, पानी की व्यवस्था नहीं है, और सफाई का कोई ध्यान नहीं रखा जाता। छात्रों के लिए हॉस्टल भी बंद पड़ा हुआ है, जिससे बाहर से आने वाले विद्यार्थियों को काफी असुविधा झेलनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रधानाचार्य की इस हरकत से कॉलेज के शिक्षकों और कर्मचारियों के बीच भी असंतोष का माहौल है।
हालांकि जब इस पूरे मामले पर प्रधानाचार्य विवेक कुमार से बातचीत की गई, तो उन्होंने सभी आरोपों को निराधार और झूठा करार दिया। उन्होंने कहा कि “यह सब व्यक्तिगत रंजिश के चलते मेरे खिलाफ साजिशन किया जा रहा है। कॉलेज में सुधार की दिशा में काम हो रहा है, और जल्द ही सभी व्यवस्थाएं ठीक कर दी जाएंगी।”
वहीं, इस पूरे मामले की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्रीय लोगों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन से जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो कॉलेज प्रशासन में चल रही अनियमितताओं पर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
स्थानीय विद्यार्थियों का कहना है कि “हमारे कॉलेज में शिक्षा का स्तर तो पहले से ही कमजोर था, अब सफाई और सुविधाओं की कमी ने स्थिति और खराब कर दी है।” छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
फिलहाल, राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज अंधऊ में फैली अव्यवस्थाओं और भ्रष्टाचार के आरोपों ने शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन दोनों के लिए सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पूरे प्रकरण पर कब तक और क्या कार्रवाई करता है।
