इंसाफ की आस में भटक रहा पीड़ित दलित परिवार


फतेहपुर। खखरेडू थाना क्षेत्र के पौली गांव में दबंगों की दबंगई और पुलिस की लापरवाही ने कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। गांव के एक नाबालिग दलित बच्चे को दबंग ने कुल्हाड़ी की बट से बेरहमी से पीटकर लहूलुहान कर दिया। घटना के बाद से पीड़ित परिवार तीन दिनों से न्याय के लिए थाने के चक्कर काट रहा है, लेकिन अब तक न तो रिपोर्ट दर्ज हुई और न ही आरोपियों पर कोई कार्रवाई हुई है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि स्थानीय पुलिस आरोपियों से मिली हुई है और जबरन सुलह कराने का दबाव बना रही है। बताया गया कि क्षेत्रीय हलका इंचार्ज ने खुद धमकी दी कि “समझौता कर लो, वरना खुद भुगतना पड़ेगा।” इतना ही नहीं, गांव का हिस्ट्रीशीटर प्रधान प्रतिनिधि व एक मजबूत सत्ता पक्षीय जनप्रतिनिधि भी पीड़ित परिवार को लगातार दबाव बना जान से मारने की धमकियाँ दे रहा है।
परिवार ने उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई, जिस पर निर्देश तो मिले लेकिन स्थानीय पुलिस ने खानापूर्ति तक ही सीमित रहकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इस रवैये से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि “जब अपराधी प्रधान के करीब हों तो गरीबों को इंसाफ कौन देगा?”
गांव में अब दहशत का माहौल है — दबंग खुलेआम घूम रहे हैं जबकि पीड़ित परिवार डर और बेबसी में जीवन जीने को मजबूर है। प्रशासनिक स्तर पर अभी तक कोई कार्रवाई न होना, पुलिस–दबंग गठजोड़ की कहानी खुद बयां कर रहा है।
🟥 सवाल यह है कि जब थाने में इंसाफ बिकने लगे, तो दलित और गरीब आखिर कहां जाएं?
