रिपोर्ट -एकरार खान


तेज सिंह मोटर ट्रेनिंग सेंटर बना भ्रष्टाचार का गढ़
गाजीपुर। भले ही प्रदेश सरकार ने आरटीओ कार्यालय का संचालन निजी संस्थाओं को सौंप दिया हो, लेकिन इसके बावजूद वसूली पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। जनपद गाजीपुर का तेज सिंह मोटर ट्रेनिंग सेंटर इस समय ड्राइविंग लाइसेंस के नाम पर वसूली का अड्डा बना हुआ है।
मिली जानकारी के अनुसार, आरआई और सेंटर संचालक की शह पर दलालों के माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आए प्रत्येक आवेदक से ₹6000 की अवैध वसूली की जा रही है। 48 सेकंड के ड्राइविंग टेस्ट में जानबूझकर अभ्यर्थियों को फेल कर दिया जाता है, जिसके बाद उनसे ₹6000 की मांग की जाती है। पैसा देने पर उन्हें पास घोषित कर दिया जाता है।
चौंकाने वाली बात यह है कि यह सारा खेल आरआई की मौजूदगी में होता है, जिससे पूरे तंत्र की मिलीभगत साफ जाहिर होती है। रोजाना लगभग 36 लोग टेस्ट देने आते हैं, जिनमें से केवल 6 को ही पास किया जाता है। शेष को फेल कर वसूली का दबाव बनाया जाता है, जिससे रोजाना लाखों की अवैध कमाई की जा रही है।
सूत्रों की मानें तो तेज सिंह मोटर ट्रेनिंग सेंटर में लंबे समय से यह खेल जारी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। यह मामला न केवल भ्रष्टाचार को उजागर करता है, बल्कि आम जनता के साथ हो रहे खुल्ले शोषण की भी मिसाल है।
वर्जन। वही जब इस मामले में आर ए रीजनल इंस्पेक्टर आलोक यादव से बातचीत की गई थी उन्होंने इस मामले से अपने आप को दरकिनार कर लिया और कहा कि इस मामले में ए आरटीओ साहब ही बता पाएंगे।
वर्जन
एआरटीओ धनवीर यादव से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ जिस कारण उनसे बात नहीं हो पाई।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और परिवहन विभाग इस पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर क्या कार्रवाई करता है, या फिर यह खेल ऐसे ही चलता रहेगा।
