रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। मानसून से पहले संभावित बाढ़ की चुनौती से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला पंचायत सभागार में सोमवार को जनपद स्तरीय बाढ़ स्टेयरिंग ग्रुप की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि किसी भी हालत में जनहानि और धनहानि नहीं होनी चाहिए।
बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने की, जबकि अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गजेन्द्र कुमार भी मौजूद रहे। बैठक में संवेदनशील क्षेत्रों में बाढ़ चौकियां स्थापित करने, राहत शिविरों की तैयारी, तटबंधों की स्थिति, संक्रामक रोगों की रोकथाम और राहत सामग्री वितरण की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बाढ़ से पहले की व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण कर समय रहते कमियां दूर कराएं। साथ ही नगर पालिका, नगर पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों में नालों व नालियों की तत्काल सफाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए, ताकि जलभराव की नौबत न आए।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग को संभावित बाढ़ प्रभावित सड़कों का सर्वे कर रिपोर्ट देने को कहा, जिससे आवागमन बाधित होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था की जा सके।
अपर जिलाधिकारी गजेन्द्र कुमार ने बताया कि जिले में 98 प्रशिक्षित आपदा मित्र तैयार हैं, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर तत्काल तैनात किया जाएगा। सभी एसडीएम को अपने क्षेत्रों में गोताखोरों की सूची तैयार करने और अस्थायी पंपिंग सेट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पशुपालन विभाग को बाढ़ प्रभावित गांवों में पशुओं के टीकाकरण, चारे और उपचार की समुचित व्यवस्था करने को कहा गया है। वहीं शिक्षा विभाग को स्कूलों में बच्चों को बाढ़, भूकंप और आग जैसी आपदाओं के दौरान बचाव के उपाय बताने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में एसडीएम सदर प्रवीण कुमार द्विवेदी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार, मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग कुमार, डीआरडीए पीडी दिग्विजय नाथ, सीडीपीओ संतोष कुमार शर्मा, बीडीओ अक्सीर खान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

