रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। जनपद में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर प्रशासन ने सख्त प्रहार शुरू कर दिया है। आगामी अक्षय तृतीया को देखते हुए ब्लॉक शाहपुर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर बाल विवाह के खिलाफ हुंकार भरी गई। छात्राओं को कानून, अधिकार और समाज पर पड़ने वाले दुष्परिणामों की जानकारी देकर बाल विवाह मुक्त मुजफ्फरनगर का संकल्प दिलाया गया।

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति सदस्य डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि बाल विवाह अपराध है और इसके खिलाफ कानून बेहद सख्त है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत दोषियों को दो वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
उन्होंने छात्राओं को समझाया कि लड़के की विवाह योग्य आयु 21 वर्ष और लड़की की 18 वर्ष निर्धारित है। कम उम्र में शादी होने से शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता पर बुरा असर पड़ता है।
थाना शाहपुर से महिला आरक्षी पुष्पा ने छात्राओं को जागरूक करते हुए कहा कि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिलने पर तुरंत 112, 1098, 181 या स्थानीय पुलिस को सूचना दें। प्रशासन ऐसी सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई करेगा।
कार्यक्रम में “बाल विवाह अपराध है” विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राएं रिया, आकांक्षा, खुशी, तुलसी, सरिता, गुड़िया, कनक, नंदिनी, सादिया और वंशिका को सम्मानित किया गया।
विद्यालय की वार्डन गीता, शिक्षिकाएं अनुपमा, रीना, दिव्या और सुष्मा ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में बालिका शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन पर भी जोर दिया गया।

