रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर/गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन’ (ABDM) के तहत मेरठ और सहारनपुर मंडल का संयुक्त मंडल स्तरीय सम्मेलन गाजियाबाद के कौशांबी स्थित होटल रेडिसन ब्लू में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की सचिव और मिशन निदेशक श्रीमती रितु माहेश्वरी (IAS) ने की, जहां सरकारी और निजी स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटल एकीकरण पर गहन मंथन हुआ।
सम्मेलन में एबीडीएम के जरिए प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र को तकनीक से जोड़ने, मरीजों को एकीकृत डिजिटल हेल्थ आईडी उपलब्ध कराने और इलाज की प्रक्रिया को आसान व पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया। इस दौरान उत्तर प्रदेश एबीडीएम के संयुक्त निदेशक डॉ. मोहित सिंह और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) से निदेशक डॉ. पंकज अरोड़ा भी मौजूद रहे। स्टेट नोडल अधिकारी धीरेंद्र कुमार ने मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन की रणनीति साझा की।
मुजफ्फरनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने अधीनस्थ अधिकारियों और निजी चिकित्सालयों के प्रतिनिधियों के साथ भाग लेते हुए मिशन के तकनीकी पहलुओं, नई गाइडलाइंस और जमीनी स्तर पर इसके क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डिजिटल सिस्टम के लागू होने से मरीजों को अस्पतालों में भटकना नहीं पड़ेगा और सभी रिकॉर्ड एक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे।
कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव श्री अमित कुमार घोष (IAS) ने भी संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल हेल्थ सिस्टम आने वाले समय में चिकित्सा क्षेत्र की रीढ़ बनेगा। सम्मेलन में मेरठ और सहारनपुर मंडल के सभी जिलों के सीएमओ, अपर निदेशक मेरठ मंडल डॉ. सीमा अग्रवाल, अपर निदेशक सहारनपुर मंडल डॉ. रामानंद और गाजियाबाद के सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अध्यक्षता कर रहीं श्रीमती रितु माहेश्वरी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को मिशन मोड में लागू किया जाए, ताकि आम जनता को बिना किसी देरी के बेहतर और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। सम्मेलन के निष्कर्ष में यह साफ हुआ कि आने वाले समय में डिजिटल हेल्थ सिस्टम प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देगा।

