रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। ज्योतिर्मठ पीठ के शंकराचार्य Swami Avimukteshwaranand Saraswati के खिलाफ दर्ज पॉक्सो (POCSO) मुकदमे को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने कलेक्ट्रेट स्थित डीएम कार्यालय पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस प्रदर्शन में अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष भी विशेष रूप से मौजूद रहे
धरने का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सत्यपाल कटारिया ने किया। भगत सिंह रोड स्थित पार्टी कार्यालय से जुलूस के रूप में निकले कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शन में सेवादल, सोशल मीडिया प्रकोष्ठ और अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
सत्यपाल कटारिया ने संबोधित करते हुए कहा कि न्यायालय के आदेशों का सम्मान सभी को है, लेकिन पूरे घटनाक्रम ने समाज में कई तरह की शंकाएं पैदा कर दी हैं। उनका आरोप था कि जो लोग सरकार की नीतियों के खिलाफ मुखर होते हैं, उन्हें विभिन्न माध्यमों से दबाने का प्रयास किया जाता है। कुंभ के दौरान मौनी अमावस्या के अवसर पर शंकराचार्य और उनके शिष्यों के साथ कथित दुर्व्यवहार का जिक्र करते हुए नेताओं ने कहा कि अब गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होना कई सवाल खड़े करता है।
अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि यह मामला केवल किसी एक धर्म या व्यक्ति का नहीं बल्कि संवैधानिक अधिकारों और न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, लेकिन जांच की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए ताकि सच सामने आ सके।
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि मामले की जांच उच्च स्तरीय न्यायिक निगरानी या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए और जांच की प्रगति सार्वजनिक की जाए।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इस प्रदर्शन के बाद जिले की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है तथा आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।

