रिपोर्ट – कबीर

मुज़फ्फरनगर। जमीयत उलमा-ए-हिंद, जिला मुज़फ्फरनगर के तत्वावधान में 12 और 13 नवम्बर को प्रस्तावित जिला स्तरीय सम्मेलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। सोमवार को जिला कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में जिला अध्यक्ष मौलाना मुकर्रम अली क़ासमी ने इस संबंध में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सम्मेलन की तमाम तैयारियाँ पूरी हो चुकी थीं, लेकिन आवश्यक प्रशासनिक अनुमति न मिलने के कारण कार्यक्रम को स्थगित करना पड़ा है।
मौलाना मुकर्रम अली क़ासमी ने कहा कि सम्मेलन की सफलता के लिए जमीयत के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और स्थानीय जिम्मेदार भाइयों ने अथक परिश्रम किया है, जिसके लिए उन्होंने सभी का दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी ने आपसी भाईचारे और एकजुटता के साथ कार्य किया, जो जमीयत की असली पहचान है।
जिला अध्यक्ष ने आगे कहा कि संगठन की शक्ति उसकी बुनियादी इकाइयों में निहित है। अब समय है कि गांव से लेकर तहसील, ब्लॉक और जिला स्तर तक जमीयत की शाखाओं को और अधिक संगठित व सक्रिय किया जाए। उन्होंने कहा कि हर इकाई में जिम्मेदार लोगों की नियुक्ति, नियमित बैठकें और जनहित के मुद्दों पर कार्य को प्राथमिकता दी जाएगी।
मौलाना मुकर्रम अली क़ासमी ने बताया कि वर्तमान में जमीयत का एक महत्वपूर्ण अभियान मतदाता सूची निरीक्षण एवं संशोधन से जुड़ा हुआ है। सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर लोगों की सहायता करें, ताकि सही नाम मतदाता सूची में शामिल हों और त्रुटियों का समय रहते सुधार हो सके। यह लोकतांत्रिक जागरूकता की दिशा में अहम कदम है।
उन्होंने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद हमेशा सामाजिक, शैक्षणिक, मानवता और राष्ट्रीय एकता के कार्यों के लिए समर्पित रही है। भविष्य में भी यह कार्य निरंतर जारी रहेंगे। अंत में मौलाना मुकर्रम ने कहा कि इंशाअल्लाह बहुत जल्द उपयुक्त समय पर सम्मेलन पुनः आयोजित किया जाएगा। सभी कार्यकर्ता संयम, एकता और समर्पण बनाए रखें — यही हमारी सफलता की कुंजी है। इस दौरान जिले की विभिन्न यूनिटों के अध्यक्ष और पदाधिकारी गण उपस्थित रहे।
