रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। मुरादाबाद में शिवसेना पदाधिकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को लेकर संगठन ने तेवर कड़े कर दिए हैं। मंगलवार को प्रदेश महासचिव बिट्टू सिखेड़ा और नरेंद्र ठाकुर के नेतृत्व में 21 पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। शिवसेना ने मुकदमों को अनुचित बताते हुए उन्हें तत्काल वापस लेने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
शिवसेना नेताओं ने आरोप लगाया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के राज्य प्रमुख ललित मोहन शर्मा, मंडल प्रमुख गुड्डू सैनी समेत अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ मुरादाबाद प्रशासन ने मुकदमे दर्ज किए हैं। संगठन ने मंदिर में जलाभिषेक को धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय बताते हुए कार्रवाई पर सवाल उठाए और प्रशासन से मामले में उचित कदम उठाने की मांग की।
गठबंधन में होने के बावजूद असहाय महसूस कर रहे पदाधिकारी
शिवसेना के निवर्तमान उप राज्य प्रमुख प्रमोद अग्रवाल ने कहा कि राजनीतिक गठबंधन में शामिल होने के बावजूद संगठन के पदाधिकारी खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। उन्होंने मुकदमों को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि मामले में उचित कार्रवाई होनी चाहिए।
मुकदमे वापस नहीं हुए तो प्रदेशभर में आंदोलन
प्रदेश महासचिव बिट्टू सिखेड़ा ने कहा कि यदि मुरादाबाद प्रशासन ने जल्द मुकदमे वापस नहीं लिए तो शिवसेना प्रत्येक जिले में व्यापक जन आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में आंदोलन की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान बिट्टू सिखेड़ा, प्रमोद अग्रवाल, नरेंद्र ठाकुर, आलोक अग्रवाल, मंगतराम सोनकर, देवेंद्र चौहान, विकास कुमार, योगेंद्र कुमार, सोनू वर्मा, जांगी सौदाई, देवांश मलिक, मनोज कुमार, ललित रहेला और संजय कुमार समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
