रिपोर्ट – संदीप वर्मा
बाराबंकी। जैदपुर नगर पंचायत के चौहट्टा वार्ड में पीर पांजू मजार के सामने स्थित गाटा संख्या 1602 मिन आबादी पर कथित अवैध प्लॉटिंग को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर पंचायत ने तहसीलदार नवाबगंज को पत्र भेजकर जमीन की श्रेणी और मालिकाना हक से जुड़े अभिलेख मांगे हैं।
स्थानीय लोगों व जानकारों का दावा है कि जमीन के पुराने अभिलेख खेवट संख्या 196 में मुस्तफा दस्त-ए-हसन के नाम दर्ज हैं, जो वर्षों पहले पाकिस्तान पलायन कर गए थे और यहां उनका कोई वैध वारिस नहीं है। बताया जा रहा है कि जमीन लगभ 100 सालों से लावारिस व खंडहर नुमा पड़ी है और इसकी श्रेणी 9(2) होने का दावा किया जा रहा है, जोकि भूमि को सरकारी बनाता है।
मामले का संज्ञान लेते हुए नायब तहसीलदार नवाबगंज ने मौके पर प्लॉटिंग रुकवा दी है! स्थानीय लोगों में जमीन का कारोबार करने वाले ऐसे भूमाफियाओं के प्रति रोष व्याप्त है, जो अपने निजी फायदे के लिए लावारिस जमीनों को भी बेच देते हैं, लोग प्रशासन से जांच कर कार्यवाही करने की मांग कर रहे हैं।
