रिपोर्ट: शुभम सिंह
स्थान: बांदा
बांदा में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर थाना और एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) की संयुक्त टीम ने एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह से जुड़े 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 52,475 रुपये नकद, 10 मोबाइल फोन, 6 एटीएम कार्ड तथा वारदात में प्रयुक्त एक बोलेरो वाहन बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाता था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी एपीके (APK) फाइल और अन्य डिजिटल माध्यमों से लोगों के मोबाइल फोन हैक करते थे। मोबाइल पर नियंत्रण हासिल करने के बाद बैंकिंग और अन्य संवेदनशील जानकारियां प्राप्त कर साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया जाता था।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी लोगों के आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य पहचान संबंधी दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी फर्मों और कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को मंगाने और उसे विभिन्न माध्यमों से निकालने के लिए किया जाता था।
संयुक्त पुलिस टीम ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और नकदी बरामद की। साथ ही वारदात में प्रयुक्त बोलेरो वाहन को भी जब्त कर लिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। उनसे प्राप्त जानकारी के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों, तकनीकी नेटवर्क और साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह ने किन-किन राज्यों या जिलों में लोगों को अपना शिकार बनाया है।
सहायक पुलिस अधीक्षक मेविश टॉक ने बताया कि साइबर अपराधियों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान लिंक, एपीके फाइल या संदिग्ध मोबाइल एप्लीकेशन को डाउनलोड न करें तथा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी, ओटीपी या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन या निकटतम साइबर थाने से संपर्क करें।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
