रिपोर्टर: कबीर, ब्यूरो टीम
मुजफ्फरनगर। जिला कारागार की सुरक्षा व्यवस्था और बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लेने के लिए बुधवार को जिला जज, जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जेल की बैरकों, रसोईघर, अस्पताल, अभिलेखों और सुरक्षा व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिला जज, डीएम और एसएसपी ने किया संयुक्त निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान जिला जज वीरेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा जिला कारागार पहुंचे। अचानक हुए निरीक्षण से जेल प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया।
अधिकारियों ने पुरुष और महिला बैरकों का निरीक्षण करते हुए वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
बंदियों से बातचीत कर जानी व्यवस्थाओं की स्थिति
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बंदियों से भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और दैनिक सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने यह भी जाना कि जेल प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।
अधिकारियों ने बंदियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
रसोईघर की स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान
संयुक्त टीम ने जेल के रसोईघर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान साफ-सफाई, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और भोजन तैयार करने की प्रक्रिया की जांच की गई।
अधिकारियों ने निर्देश दिए कि बंदियों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए।
अभिलेखों और मुलाकाती रजिस्टर की हुई जांच
निरीक्षण के दौरान कारागार कार्यालय के अभिलेखों और मुलाकाती रजिस्टर का भी सत्यापन किया गया। अधिकारियों ने रिकॉर्ड को व्यवस्थित और अद्यतन रखने के निर्देश दिए।
इसके अलावा जेल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों और जैमर प्रणाली की भी जांच की गई, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
जेल अस्पताल का भी लिया जायजा
अधिकारियों ने जेल अस्पताल का निरीक्षण कर दवाइयों की उपलब्धता, ओपीडी व्यवस्था और बंदियों को उपलब्ध कराए जा रहे उपचार की जानकारी ली।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और जरूरतमंद बंदियों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
प्रतिबंधित सामग्री पर सख्ती के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक को निर्देश दिए गए कि कारागार परिसर में प्रतिबंधित सामग्री की एंट्री पूरी तरह रोकी जाए।
इसके अलावा शातिर बंदियों पर विशेष निगरानी रखने और सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
शासन की मंशा के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश
अधिकारियों ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी बंदियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि जेल प्रशासन पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करे।
पुलिस बल को दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश
निरीक्षण के अंत में कारागार में तैनात पुलिस कर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था, ड्यूटी के निर्वहन और सतर्कता बनाए रखने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इस दौरान पुलिस और प्रशासन के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
प्रशासन का कहना है कि जिला कारागार की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर भविष्य में भी समय-समय पर औचक निरीक्षण जारी रहेगा, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही को रोका जा सके और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनी रहे।
