रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। जनपद में टीबी के खात्मे को लेकर बड़ी पहल करते हुए 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान (फेज-2) का जोरदार शुभारंभ किया गया। जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यक्रम में 25 टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें पोषण पोटली वितरित की गई, वहीं समाज के हर वर्ग से आगे आकर ‘निक्षय मित्र’ बनने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल और जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की मौजूदगी में अभियान की शुरुआत हुई। इस दौरान वर्ष 2025 में टीबी मुक्त घोषित 38 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों और ग्राम सचिवों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
जनपद की 487 ग्राम पंचायतों में से 38 पंचायतों ने टीबी मुक्त होने का लक्ष्य हासिल किया, जिनमें 25 को ब्रॉन्ज, 10 को सिल्वर और 3 को गोल्ड श्रेणी में रखा गया। कार्यक्रम में ग्राम प्रधानों, सचिवों, एनजीओ संस्थाओं और समाजसेवियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने ग्राम प्रधानों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक प्रधान कम से कम एक टीबी मरीज को गोद लें और अपने स्तर से पांच मरीजों तक को सहयोग देने का प्रयास करें, ताकि जनपद को टीबी मुक्त बनाने में तेजी लाई जा सके और प्रदेश में अग्रणी स्थान हासिल किया जा सके।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने बताया कि सरकार द्वारा टीबी मरीजों को बेहतर पोषण के लिए इलाज के दौरान 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दो किश्तों में दी जाती है। उन्होंने सभी प्रबुद्धजनों, संस्थाओं और समाजसेवियों से निक्षय मित्र बनकर मरीजों की मदद करने की अपील की।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. लोकेश चन्द्र गुप्ता ने जानकारी दी कि विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री द्वारा इस 100 दिवसीय अभियान का शुभारंभ किया गया है, जिसके तहत जनपद में भी विशेष अभियान चलाया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान टीबी मरीजों को गोद लेने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले साईं दान फाउंडेशन, डॉ. मुकेश जैन और डॉ. एम.एल. गर्ग को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
टीबी मुक्त समाज के संकल्प के साथ शुरू हुआ यह अभियान जनपद में जागरूकता, सहयोग और सामूहिक प्रयासों के जरिए नई उम्मीद जगाता नजर आ रहा है।

