रिपोर्ट: कबीर
मुजफ्फरनगर। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा को लेकर राज्य महिला आयोग की सदस्य सपना कश्यप ने बुधवार को मुजफ्फरनगर में जनसुनवाई कर महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना। निरीक्षण भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद, पुलिस विभाग, श्रम विभाग तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित शिकायतों की समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई के दौरान कुल 24 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें अधिकांश मामले महिलाओं के उत्पीड़न, पारिवारिक विवादों और सरकारी योजनाओं के लाभ से जुड़े थे। सपना कश्यप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष एवं त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आगामी 21 जून को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी की अपील की। इस अवसर पर योग के महत्व से संबंधित पंपलेट भी वितरित किए गए और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
महिला आयोग सदस्य के दौरे के दौरान जिला कारागार का निरीक्षण भी किया गया। उन्होंने महिला बैरक का जायजा लिया और वहां निरुद्ध महिलाओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। जेल अधीक्षक अभिषेक चौधरी ने उन्हें महिला बंदियों की स्थिति और व्यवस्थाओं से अवगत कराया। सपना कश्यप ने महिला बंदियों के अधिकारों और उनकी आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील रहने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में पहुंची महिलाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया। चिकित्सकों ने महिलाओं की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक परामर्श दिया और दवाइयों का वितरण किया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने महिला शिकायतों के समाधान को लेकर अपनी प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की।
बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. आभार आत्रेय, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिव्या वर्मा, पुलिस उपाधीक्षक ऋषिका सिंह, प्रभारी महिला थाना संगीता चौधरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ. राजीव कुमार ने किया।
महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित यह जनसुनवाई कार्यक्रम कई पीड़ित महिलाओं के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया और संबंधित विभागों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का संदेश भी दिया।
