रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। रामगढ़ से बालाजी इंगट फैक्ट्री में माल लेकर पहुंचे ट्रक चालक ने धर्मकांटे के वजन में करीब 2.85 कुंतल के अंतर का आरोप लगाते हुए फैक्ट्री प्रबंधन और धर्मकांटे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। चालक मुस्तकीम का कहना है कि उसके माल का गगन धर्मकांटे पर वजन कराया गया तो करीब दो कुंतल 85 किलो वजन कम बताया गया। संदेह होने पर उसने दीपक धर्मकांटे पर दोबारा वजन कराया, जहां माल का पूरा वजन बताया गया।
मुस्तकीम के मुताबिक, उसने दूसरे धर्मकांटे की रिपोर्ट फैक्ट्री प्रबंधन को बताई, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया। फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से कथित तौर पर गगन धर्मकांटे के वजन को ही मान्य बताते हुए उसी के आधार पर भुगतान करने की बात कही गई।
चालक ने मामले का समाधान निकालने के लिए फैक्ट्री प्रबंधन के सामने ट्रक में लाए गए 365 एंगट पीस की गिनती कराने का प्रस्ताव भी रखा। उसका कहना है कि यदि गिनती में माल कम मिले तो नियमानुसार कटौती कर ली जाए, लेकिन सभी पीस पूरे निकलने पर पूरा भाड़ा दिया जाए। आरोप है कि उसकी यह मांग भी स्वीकार नहीं की गई।
मुस्तकीम का कहना है कि माल ढुलाई का उसका करीब आठ हजार रुपये भाड़ा बनता है। वजन में अंतर के आधार पर कटौती होने से ट्रक चालकों को सीधे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उसने प्रशासन से गगन धर्मकांटे के वजन की जांच कराने और दोनों धर्मकांटों के वजन में आए अंतर की वास्तविक वजह सामने लाने की मांग की है। चालक का कहना है कि निष्पक्ष जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा कि वजन में अंतर किस कारण आया और इसमें किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता हुई है या नहीं।
