रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। जनगणना-को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जनगणना के दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना को व्यवस्थित और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिले की सभी तहसीलों, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों में प्रगणकों व सुपरवाइजरों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। प्रशासन का जोर है कि जनगणना कार्य में जुटने वाले सभी कार्मिक निर्धारित प्रक्रिया और अपने दायित्वों को अच्छी तरह समझ लें, ताकि आंकड़े जुटाने के दौरान किसी तरह की चूक न हो।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के निर्देशन में चल रही तैयारियों के तहत अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं जिला जनगणना अधिकारी गम्भीर सिंह ने विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों, प्रगणकों और सुपरवाइजरों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, इसलिए इसमें जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ काम करना जरूरी है।
कई विद्यालयों में बनाए गए प्रशिक्षण केंद्र
जनगणना के दूसरे चरण के प्रशिक्षण के लिए तहसील सदर, खतौली, बुढ़ाना और जानसठ के साथ नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर व खतौली तथा विभिन्न नगर पंचायतों में केंद्र निर्धारित किए गए हैं। तहसील सदर के कार्मिकों को श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज और एसडी पब्लिक स्कूल, जानसठ रोड पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। खतौली तहसील के लिए मैपल एकेडमी, जबकि बुढ़ाना तहसील के लिए राखी पब्लिक स्कूल और मैपल एकेडमी में व्यवस्था की गई है। जानसठ तहसील के कार्मिकों का प्रशिक्षण एंबिएंस एकेडमी और गोल्डन बेल्स पब्लिक स्कूल में आयोजित किया जा रहा है।
नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर के लिए माउंट लिट्रा जी स्कूल, लिंक रोड और एसडी पब्लिक स्कूल, भोपा रोड को प्रशिक्षण केंद्र बनाया गया है। वहीं, नगर पालिका परिषद खतौली के कार्मिकों को सेंट थॉमस स्कूल में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नगर पंचायतों के लिए भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संबंधित विद्यालयों और कार्यालय परिसरों में प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है।
लापरवाही मिली तो जिम्मेदारी तय होगी
निरीक्षण के दौरान जिला जनगणना अधिकारी गम्भीर सिंह ने निर्देश दिए कि प्रगणक और सुपरवाइजर प्रशिक्षण को गंभीरता से लें। जनगणना से जुड़े दिशा-निर्देशों, निर्धारित प्रक्रियाओं और जिम्मेदारियों की पूरी जानकारी हासिल करें, जिससे क्षेत्र में काम करते समय किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने संबंधित उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों और प्रशिक्षण केंद्र प्रभारियों को बैठने की उचित व्यवस्था, प्रशिक्षण सामग्री और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने प्रशिक्षण में कार्मिकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने और प्रशिक्षण के दौरान सामने आने वाली समस्याओं का समय से समाधान करने पर जोर दिया। साथ ही स्पष्ट किया कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सभी तैयारियां निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाएं।
जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रगणक और सुपरवाइजर जनगणना कार्य के लिए पूरी तरह तैयार रहें। सही आंकड़ों का संकलन, कार्मिकों की दक्षता और विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित कर जनगणना-2027 की प्रक्रिया को सुचारु एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने की तैयारी की जा रही है।
