रिपोर्ट – ओमप्रकाश
चित्रकूट। आदि कवि महर्षि वाल्मीकि की जयंती सोमवार को उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रमों में रामायण पाठ, भजन संध्या, दीपदान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि के साहित्यिक एवं आध्यात्मिक योगदान को याद किया गया।
चित्रकूट के लालापुर स्थित महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली में जिला प्रशासन की ओर से वृहद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंक, चित्रकूट-बांदा के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, क्षेत्रीय मंत्री आनंद सिंह, उपजिलाधिकारी मानिकपुर सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान वाल्मीकि रामायण पाठ, भजन संध्या और स्थानीय कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भक्तिमय वातावरण से सराबोर किया।
वहीं, गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली राजापुर में भी रामायण पाठ का आयोजन किया गया। प्रदेश के अन्य जिलों में भी महर्षि वाल्मीकि मंदिरों और रामायण से जुड़े प्रमुख स्थलों पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की रामायण भारतीय साहित्य, संस्कृति और जीवन मूल्यों की अमूल्य धरोहर है। प्रदेश के 75 जिलों में आयोजित कार्यक्रमों का उद्देश्य इस महान विरासत को जन-जन तक पहुंचाना और नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं से जोड़ना है।
कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए जिला, तहसील और विकासखंड स्तर पर समितियां गठित की गई थीं। संस्कृति विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग तथा जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के समन्वय से आयोजन संपन्न कराए गए।
महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से रामायण में निहित आदर्शों, सामाजिक समरसता, मानवीय संवेदनाओं और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का संदेश दिया गया। चित्रकूट की लालापुर तपोस्थली से लेकर प्रदेश के विभिन्न धार्मिक स्थलों तक भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिला।
