रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। जनगणना-2027 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। दूसरे चरण की जनसंख्या गणना को त्रुटिरहित और समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए गुरुवार को जिलाधिकारी कैंप कार्यालय के सभागार में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व एवं जिला जनगणना अधिकारी अनिरुद्ध प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित प्रशिक्षण में जिला स्तरीय अधिकारियों से लेकर चार्ज अधिकारी, चार्ज सहायक और तकनीकी सहायकों को जनगणना की बारीकियां समझाई गईं।
जनगणना निदेशालय की ओर से नामित जनगणना प्रभारी गौरव गुंजन ने अधिकारियों और कर्मचारियों को जनसंख्या गणना की प्रक्रिया, दायित्व, प्रपत्रों के सावधानीपूर्वक संधारण और तकनीकी माध्यमों के इस्तेमाल की जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने कर्मचारियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। जनगणना में शुद्धता, पारदर्शिता, गोपनीयता और समयबद्धता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
चार से पांच किमी के दायरे में लगाने का प्रयास
अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनगणना ड्यूटी में कार्मिकों की तैनाती करते समय व्यावहारिक पहलुओं का भी ध्यान रखा जाए। पूर्व में जनगणना कार्य कर चुके कार्मिकों को यथासंभव उसी गणना ब्लॉक में दोबारा लगाया जाए। एक ही विकासखंड में कार्यरत कर्मचारियों को उसी विकासखंड में तैनात करने का प्रयास हो और कार्मिकों की ड्यूटी उनके कार्यस्थल से करीब चार से पांच किलोमीटर की परिधि में रखने का प्रयास किया जाए।
बीमार, दिव्यांग और गर्भवती महिलाओं को राहत
गंभीर रूप से बीमार, दिव्यांग, गर्भवती महिलाओं और मार्च 2027 में सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों को जनगणना ड्यूटी से मुक्त रखने की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही पुनर्गठित किए जाने वाले जनगणना ब्लॉकों के लिए जरूरत के अनुसार प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की मैनपावर सूची समय से तैयार करने को कहा गया।
प्रशिक्षण केंद्रों पर व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश
एडीएम ने प्रशिक्षण केंद्रों पर प्रोजेक्टर या स्मार्ट क्लास, माइक, जनरेटर अथवा पावर बैकअप, पेयजल और शौचालय जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। प्रशिक्षण कार्यक्रम की नियमित निगरानी के साथ प्रशिक्षणार्थियों के भोजन और जलपान की गुणवत्ता पर भी विशेष नजर रखने के निर्देश दिए।
प्रशासन ने सभी चार्ज अधिकारियों को कार्मिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर जनगणना कार्य को सफल बनाने की जिम्मेदारी सौंपी। प्रशिक्षण में एसडीएम, तहसीलदार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी, अधिशासी अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, अपर जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, जनगणना सहायक, चार्ज सहायक और तकनीकी सहायक मौजूद रहे।
