रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। राजकीय संप्रेक्षण गृह किशोर संस्था में निरुद्ध किशोरों को मिल रही सुविधाओं और उनकी समस्याओं की जानकारी लेने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. सत्येंद्र चौधरी ने सोमवार को औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने किशोरों के भोजन, उनकी जरूरतों और संबंधित प्रकरणों के बारे में जानकारी ली। साथ ही किशोरों से सीधे बातचीत कर यह जानने का प्रयास किया कि उन्हें संस्था में किसी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही है।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने संस्था में रह रहे किशोरों से उनकी दिनचर्या और उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने भोजन व्यवस्था को लेकर भी जानकारी ली और किशोरों से पूछा कि उन्हें निर्धारित सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं। इस दौरान किशोरों की समस्याओं को जानने पर विशेष ध्यान दिया गया, ताकि उनकी स्थिति और जरूरतों के बारे में जानकारी मिल सके।
किशोरों की समस्याओं और सुविधाओं पर रहा जोर
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने किशोरों से संवाद कर उनकी परेशानियों के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण का प्रमुख उद्देश्य संस्था में निरुद्ध किशोरों को उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति जानना और उनकी समस्याओं को समझना रहा। किशोरों से सीधे बातचीत के जरिए उनकी जरूरतों और संबंधित मामलों के बारे में जानकारी जुटाई गई।
निरीक्षण के दौरान कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी रहे मौजूद
औचक निरीक्षण के समय संस्था के कर्मचारी प्रदीप कुमार और सुरजीत कुमार सहित सुरक्षाकर्मी मौजूद रहे। सचिव ने संस्था में किशोरों से जुड़ी व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की इस पहल के तहत किशोरों की स्थिति, भोजन व्यवस्था और उनकी समस्याओं को लेकर जानकारी ली गई।
