रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। भूकंप के झटके, फैक्टरी में जहरीली गैस का रिसाव या फिर अचानक भीषण आग… आपदा किसी भी रूप में आए, उससे निपटने के लिए शुक्रवार को जिले में राहत और बचाव तंत्र की तैयारियों की परीक्षा ली गई। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देश पर आयोजित राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज में पांच अलग-अलग स्थानों पर आपदा के अलग-अलग परिदृश्य तैयार कराकर पुलिस, फायर, स्वास्थ्य, राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग की संयुक्त कार्रवाई परखी गई। दिनभर चले अभ्यास की कमान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने संभाली।
अभ्यास के दौरान यह देखा गया कि इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (ईओसी) को सूचना मिलने के बाद संबंधित विभाग कितनी तेजी से सक्रिय होते हैं और मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान किस तरह संचालित करते हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने, घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा देने और उन्हें राहत शिविर तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को मॉक ड्रिल के माध्यम से परखा गया।
आईपीएल इंडस्ट्रीज में रासायनिक आपदा का बनाया परिदृश्य
सदर तहसील क्षेत्र में दो स्थानों पर मॉक ड्रिल कराई गई। रोहाना कलां स्थित आईपीएल इंडस्ट्रीज में औद्योगिक एवं रासायनिक आपदा की स्थिति तैयार की गई। यहां स्टेजिंग एरिया, सेनारियो स्थल, मेडिकल पोस्ट और राहत शिविर बनाए गए। आपदा की सूचना मिलते ही संबंधित टीमें सक्रिय हुईं और मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य का अभ्यास किया।
इसी तहसील क्षेत्र के हिमालयन पब्लिक स्कूल में भूकंप की स्थिति का परिदृश्य तैयार किया गया। मलबे और प्रभावित लोगों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए बचाव दलों की कार्रवाई, घायलों को चिकित्सा सहायता और सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की प्रक्रिया को परखा गया।
जानसठ और बुढ़ाना में आग से निपटने की तैयारी परखी
जानसठ तहसील क्षेत्र के डीएवी इंटर कॉलेज में अग्निकांड की स्थिति को लेकर मॉक ड्रिल हुई। कॉलेज परिसर में स्टेजिंग एरिया बनाया गया, जबकि मेडिकल पोस्ट और राहत शिविर के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को निर्धारित किया गया।
बुढ़ाना तहसील के डीएवी इंटर कॉलेज में भी आग लगने की स्थिति का अभ्यास कराया गया। यहां आग की चपेट में आए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने, घायलों तक तत्काल चिकित्सा सहायता पहुंचाने और राहत व्यवस्था सक्रिय करने की प्रक्रिया परखी गई।
खतौली में कबूल कन्या इंटर कॉलेज में मॉक एक्सरसाइज
खतौली तहसील क्षेत्र के कबूल कन्या इंटर कॉलेज में अग्निकांड को लेकर मॉक एक्सरसाइज आयोजित की गई। आपदा की सूचना के बाद राहत एवं बचाव टीमों की सक्रियता, मौके पर पहुंचने की गति और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को जांचा गया।
ईओसी से लेकर मौके तक परखी गई पूरी चेन
मॉक एक्सरसाइज के दौरान इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर में सूचना प्राप्त होने से लेकर मौके पर राहत कार्य शुरू होने तक की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी गई। सूचना मिलते ही संबंधित विभागों की टीमों को रवाना किया गया। बचाव दलों के पहुंचने, प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने, घायलों को मेडिकल सहायता देने और लोगों को राहत शिविर तक पहुंचाने की कार्रवाई का अभ्यास हुआ। मॉक ड्रिल में आपदा मित्रों ने भी सहयोग किया।
अभ्यास का मुख्य उद्देश्य यह देखना रहा कि वास्तविक आपदा के समय पुलिस, फायर, स्वास्थ्य, राजस्व और अन्य विभाग बिना समय गंवाए किस तरह एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर सकते हैं।
‘आपदा कब आएगी, कोई नहीं जानता’
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में पांच स्थानों पर मॉक ड्रिल के माध्यम से विभिन्न विभागों की तैयारियों को परखा गया। भूकंप, अग्निकांड और औद्योगिक रासायनिक घटनाओं जैसे संभावित खतरों को ध्यान में रखते हुए यह अभ्यास कराया गया।
उन्होंने कहा कि आपदा कब और कहां आएगी, यह निश्चित नहीं होता। ऐसे में मॉक ड्रिल का उद्देश्य केवल लोगों को जागरूक करना नहीं, बल्कि संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता को मजबूत करना भी है, ताकि वास्तविक आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्य बिना देरी शुरू किया जा सके।
ईओसी में अधिकारियों ने संभाली निगरानी
इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अनिरुद्ध प्रताप सिंह, उप जिलाधिकारी न्यायिक कृष्णकांत विश्वकर्मा, सीएफओ अनुराग कुमार, एआरटीओ रोमेश अग्रवाल, एआरओ विकास यादव, अपर जिला सूचना अधिकारी नरसिंह, ईडीएम प्रिंस जैन, तकनीकी सहायक गुलफाम अहमद और राहत सहायक नासिर हुसैन मौजूद रहे। इनके अलावा अमित कुमार शर्मा, अजय कुमार और प्रवेश कुमार समेत अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी मॉक एक्सरसाइज की निगरानी और विभागीय समन्वय में जुटे रहे।
