रिपोर्ट: कबीर
उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर में कूकड़ा पुलिस चौकी बुधवार को उस समय विवाद और हंगामे का केंद्र बन गई, जब एक परिवार ने पुलिस पर पक्षपात, मारपीट और नाबालिग से अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए। घटना के दौरान चौकी परिसर में जमकर बहस, रोना-धोना और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। मौके के कई वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं।
चाऊमीन ठेले को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार मामला कूकड़ा चौराहे पर लगने वाले चाऊमीन ठेले से जुड़ा है। बताया गया कि ऋतिक नाम का युवक सूरज जैन की दुकान के बाहर ठेला लगाता है।
आरोप है कि ऋतिक पर सूरज जैन के लगभग छह हजार रुपये और पवन नामक युवक के करीब सात हजार रुपये बकाया थे। बुधवार को पवन अपने साथी के साथ मौके पर पहुंचा, जहां पैसों को लेकर कहासुनी शुरू हो गई।
देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और सड़क पर हंगामे की स्थिति बन गई।
मारपीट और महिला से अभद्रता के आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि ऋतिक ने कुछ दिन की मोहलत मांगी थी, लेकिन आरोपियों ने उसका ठेला जबरन हटाने की कोशिश की।
विरोध करने पर ऋतिक के साथ मारपीट की गई। वहीं मौके पर पहुंची सूरज जैन की पत्नी के साथ भी धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया गया है।
डायल-112 बुलाने के बाद चौकी पहुंचा मामला
घटना के बाद ऋतिक ने डायल-112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को चौकी लेकर पहुंची, लेकिन यहीं से विवाद और बढ़ गया।
परिवार का आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हीं पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।
मां की चीख-पुकार से मचा हड़कंप
सबसे ज्यादा तनाव उस समय पैदा हुआ जब पुलिस कथित रूप से ऋतिक को जबरन गाड़ी में बैठाकर ले जाने लगी।
बेटे को पुलिस के साथ जाते देख उसकी मां चौकी परिसर में ही रोने लगी और पुलिसकर्मियों से बहस करने लगी। मौके पर मौजूद लोगों ने पूरे घटनाक्रम के वीडियो बना लिए, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कैमरे ऑन होने के बाद पुलिसकर्मियों का रवैया कुछ नरम पड़ गया।
नाबालिग से मारपीट के भी आरोप
परिवार ने आरोप लगाया कि सूरज जैन के 13 वर्षीय बेटे को भी चौकी के अंदर बैठाकर प्रताड़ित किया गया।
आरोप है कि सेकेंड चौकी इंचार्ज आकाश ओझा और अन्य पुलिसकर्मियों ने बच्चे के साथ मारपीट की, जिससे उसकी कोहनी में चोट आई। परिजनों का कहना है कि बच्चा केवल अपने माता-पिता के साथ चौकी गया था।
चार घंटे तक चौकी में बैठाने का आरोप
परिवार का आरोप है कि उन्हें करीब चार घंटे तक चौकी में बैठाकर रखा गया, जबकि असली आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
इसी बात को लेकर चौकी में दोनों पक्षों और पुलिस के बीच काफी देर तक बहस और तनाव की स्थिति बनी रही।
मीडिया पहुंचने के बाद बदला माहौल
सूचना मिलने पर कुछ मीडियाकर्मी भी मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों का कहना है कि कैमरे चालू होते ही पुलिस की कार्यप्रणाली में बदलाव देखने को मिला।
बताया जा रहा है कि बाद में पवन और उसके साथी के खिलाफ शांतिभंग की धारा में कार्रवाई की गई।
पुलिस ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं चौकी पुलिस ने सभी आरोपों को गलत बताया है। पुलिस का कहना है कि कूकड़ा चौराहे पर दोनों पक्षों के बीच विवाद और हंगामा हो रहा था, जिसके बाद शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें चौकी लाया गया था।
पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की जा रही थी। साथ ही नाबालिग से मारपीट के आरोपों को भी खारिज किया गया है।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
घटना के बाद स्थानीय लोगों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है।
