Homeउत्तर प्रदेशशिक्षकों की सुरक्षा, सम्मान और छात्रों की परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार...

शिक्षकों की सुरक्षा, सम्मान और छात्रों की परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार गंभीर कदम उठाए : अक्षित चौधरी

रिपोर्ट: कबीर

मुजफ्फरनगर। शिक्षकों के सम्मान, सुरक्षा और परीक्षा प्रणाली में बढ़ती अनियमितताओं को लेकर मंसूरपुर में शिक्षक प्रतिनिधियों और कोचिंग संस्थान संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई और शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए साझा रणनीति तैयार करने पर जोर दिया गया।

शिक्षा और संस्थानों से जुड़े मुद्दों पर हुई चर्चा

मंसूरपुर में आयोजित बैठक में विभिन्न कोचिंग संस्थानों के संचालकों, शिक्षकों और शिक्षाविदों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा व्यवस्था की वर्तमान चुनौतियों, शिक्षकों की सुरक्षा तथा छात्रों के भविष्य से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शिक्षकों का सम्मान और सुरक्षित वातावरण बेहद आवश्यक है।

शिक्षकों के सम्मान से समझौता नहीं

बैठक को संबोधित करते हुए शिक्षक अक्षित चौधरी ने कहा कि शिक्षक समाज अब अपने सम्मान और अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा।

उन्होंने मीडिया और समाज में शिक्षकों के प्रति बढ़ती अपमानजनक टिप्पणियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शिक्षकों का सम्मान हर परिस्थिति में सुरक्षित रहना चाहिए।

उन्होंने हाल के कुछ विवादों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षकों के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है।

शिक्षकों को न्याय दिलाने की मांग

आबिद अली ने कहा कि शिक्षकों से जुड़े मामलों में न्याय सुनिश्चित करने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए एक विशेष विधिक सहायता प्रकोष्ठ गठित करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि इस मंच के माध्यम से शिक्षकों की समस्याओं को एकजुट होकर उठाया जाएगा और आवश्यक कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।

पेपर लीक मामलों पर जताई चिंता

बैठक में परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई।

वक्ताओं ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं और इससे शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने, आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

साझा शिक्षक मोर्चा बनाने का संकल्प

बैठक में उपस्थित विभिन्न शिक्षक संगठनों ने शिक्षकों की समस्याओं और मांगों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए साझा शिक्षक मोर्चा बनाने का संकल्प लिया।

इसके साथ ही सरकार, राज्यपाल और प्रशासन के समक्ष अपनी मांगों को रखने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल गठित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति तैयार करने पर भी सहमति बनी।

बड़ी संख्या में शिक्षक रहे मौजूद

बैठक में अक्षित चौधरी, आबिद अली, नीरज, राहुल, शशिकांत, जयवीर, संदीप, अश्वनी, दुष्यंत, मनु, नरेश, शान, सैफुद्दीन, शकील, अमरदीप, नरेंद्र, गुरमीत, मोहम्मद इशु, ऋषभ, शुभम कुमार, प्रीतम मिश्रा, विजय, बिट्टू तथा श्वेता शर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, प्रधानाचार्य, विधिक सलाहकार और शिक्षाविद मौजूद रहे।

शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर

बैठक के अंत में सभी प्रतिभागियों ने शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत, पारदर्शी एवं छात्र हितैषी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षकों का सम्मान, सुरक्षित कार्य वातावरण और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली किसी भी सशक्त शिक्षा व्यवस्था की आधारशिला है।

सभी ने एक स्वर में सरकार से मांग की कि शिक्षकों की सुरक्षा, सम्मान और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार करते हुए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments