रिपोर्ट: कबीर
मुज़फ्फरनगर जनपद की खतौली तहसील में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्रशासनिक सख्ती साफ दिखाई दी। शासन की मंशा के अनुरूप जनता की शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद मोर्चा संभाला। मंडलायुक्त सहारनपुर डॉ. रुपेश कुमार, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना अब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
समाधान दिवस के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने न केवल शिकायतों की समीक्षा की, बल्कि कई मामलों में मौके पर निष्पक्ष जांच कराने और तय समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए। अधिकारियों का सख्त रवैया देखकर फरियादियों में भी उम्मीद जगी कि अब उनकी समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकेगा।
50 शिकायतें पहुंचीं, केवल 7 का मौके पर समाधान
शनिवार को आयोजित समाधान दिवस में कुल 50 शिकायतें दर्ज की गईं। हालांकि इनमें से केवल 7 शिकायतों का ही मौके पर निस्तारण हो सका। बाकी मामलों को संबंधित विभागों को भेजते हुए शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
कम संख्या में मौके पर समाधान होने पर मंडलायुक्त डॉ. रुपेश कुमार ने नाराजगी जाहिर की और अधिकारियों से जवाबदेही तय करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाए और शिकायतकर्ताओं को समय पर उचित जानकारी भी दी जाए।
महिला अपराध से जुड़े मामलों को प्राथमिकता
समाधान दिवस में महिलाओं से संबंधित कई शिकायतें भी सामने आईं। इस पर मंडलायुक्त ने विशेष रूप से महिला अपराध और महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही गंभीर मानी जाएगी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि महिला शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ समाधान किया जाए।
साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी पर जागरूकता
बैठक के दौरान साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। अधिकारियों ने लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि साइबर जालसाज किस प्रकार लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।
फरियादियों और कर्मचारियों को जानकारी दी गई कि मोबाइल पर आने वाले संदिग्ध लिंक, फर्जी कॉल और ओटीपी साझा करने जैसी गलतियों से बचना बेहद जरूरी है। अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है और जागरूकता ही इससे बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
लोगों को यह भी सलाह दी गई कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।
सरकारी योजनाओं के प्रचार पर भी जोर
समाधान दिवस के साथ-साथ विभिन्न विभागों द्वारा सरकारी योजनाओं से संबंधित कैंप भी लगाए गए थे। मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने इन कैंपों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाए।
अधिकारियों ने कहा कि कई बार पात्र लोगों को योजनाओं की सही जानकारी नहीं मिल पाती, जिससे वे लाभ लेने से वंचित रह जाते हैं। इसलिए विभागीय कर्मचारियों को सक्रिय होकर लोगों तक जानकारी पहुंचाने की जरूरत है।
इस दौरान सौर ऊर्जा योजना के एक लाभार्थी को सोलर पैनल भी वितरित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि सरकार नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और लोगों को इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए।
स्व-गणना अभियान को लेकर दिया बड़ा संदेश
मंडलायुक्त डॉ. रुपेश कुमार ने समाधान दिवस के दौरान स्वयं जनगणना अभियान को लेकर भी लोगों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि 21 मई तक चलने वाले स्व-गणना अभियान में प्रत्येक नागरिक को बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से अपना विवरण स्वयं दर्ज करें, ताकि आगामी जनगणना प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल बनाई जा सके।
मंडलायुक्त ने कहा कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से जनगणना प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाया जा रहा है। इससे आंकड़ों की शुद्धता भी बढ़ेगी और प्रशासनिक योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी।
लंबित मामलों पर जताई नाराजगी
बैठक के दौरान मंडलायुक्त ने धारा-34 समेत अन्य लंबित मामलों की समीक्षा भी की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी वाद अनावश्यक रूप से पेंडिंग नहीं रखा जाए।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में विभागीय समन्वय और जवाबदेही बेहद जरूरी है। यदि किसी शिकायत का समाधान समय पर नहीं होता है तो इसका सीधा असर आम जनता के विश्वास पर पड़ता है।
समाधान दिवस रजिस्टर का अवलोकन करते हुए मंडलायुक्त ने कई शिकायतकर्ताओं से सीधे फीडबैक भी लिया। उन्होंने पूछा कि उनकी शिकायतों पर पहले क्या कार्रवाई हुई और वे प्रशासन की कार्यशैली से कितने संतुष्ट हैं।
कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
समाधान दिवस में प्रशासन और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण, उप जिलाधिकारी खतौली, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, तहसीलदार खतौली समेत कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने मौके पर ही कई मामलों की जांच कर संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए। समाधान दिवस के दौरान प्रशासनिक सक्रियता और सख्ती को देखकर फरियादियों में उम्मीद जगी कि अब उनकी समस्याओं का समाधान पहले की तुलना में अधिक तेजी और पारदर्शिता के साथ हो सकेगा।
