रिपोर्टर: कबीर
पुलिस मुठभेड़ के बाद छह आरोपी गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में शाहपुर थाना पुलिस ने मुठभेड़ के बाद छह आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों पर बैंक में सेंधमारी के प्रयास और 33 केकेवी विद्युत लाइन से तार चोरी की घटनाओं में शामिल होने का आरोप है। मुठभेड़ के दौरान दो आरोपियों के पैर में गोली लगने के बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
चेकिंग के दौरान हुई मुठभेड़
पुलिस के अनुसार, 29 और 30 जुलाई की रात एसपी देहात गजेंद्र पाल सिंह और थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम दिनकरपुर–काकड़ा मार्ग पर वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक छोटे हाथी वाहन को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक वाहन लेकर भाग निकला।
पुलिस ने पीछा किया तो करौंदी मार्ग के पास वाहन छोड़कर उसमें सवार लोग ईख के खेत में घुस गए। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने फायरिंग की, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई के दौरान दो आरोपी घायल हो गए। इसके बाद कॉम्बिंग अभियान चलाकर अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
बैंक सेंधमारी और बिजली तार चोरी का खुलासा
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार गिरोह ने 11 जुलाई को हरसौली स्थित एक बैंक में सेंध लगाकर कैश सेफ तोड़ने का प्रयास किया था। इसके अलावा 24 जुलाई को केवी पुरा–काकड़ा 33 केवी विद्युत लाइन से तार चोरी करने की घटना में भी इसी गिरोह की संलिप्तता होने का दावा किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की निशानदेही पर करीब नौ कुंतल चोरी किया गया विद्युत तार बरामद किया गया है।
चोरी का सामान और हथियार बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक छोटा हाथी वाहन, दो तमंचे, कारतूस तथा चोरी में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न उपकरण बरामद किए हैं। बरामद सामान को कब्जे में लेकर आगे की जांच की जा रही है।
छह आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अरविंद, पारूल, मोहित, मनीष, रईस और ताज मलिक के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के कई सदस्य पहले भी चोरी, विद्युत तार चोरी, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर और हत्या के प्रयास जैसे मामलों में जेल जा चुके हैं।
पुलिस ने यह भी बताया कि मुख्य आरोपी अरविंद के खिलाफ विभिन्न जनपदों में 55 से अधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
नेटवर्क की जांच जारी
घायल आरोपियों का अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है। पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गिरोह का संबंध किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क से तो नहीं है।
