रिपोर्टर: कबीर
सावन के पहले दिन मंदिरों में उमड़ी आस्था
पवित्र श्रावण मास के प्रथम दिन गुरुवार को मुजफ्फरनगर के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही भगवान शिव के भक्त जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग और पूजन सामग्री लेकर मंदिरों में पहुंचने लगे। “हर-हर महादेव”, “ॐ नमः शिवाय” और “बम-बम भोले” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
महिलाएं, पुरुष, युवा, बच्चे और बुजुर्ग बड़ी संख्या में भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक और दर्शन के लिए लंबी कतारों में नजर आए।
प्रमुख शिवालयों में रही विशेष भीड़
जिले के कई प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इनमें अंसारी रोड स्थित प्राचीन बोहरों का मंदिर, शिव चौक, गांधी कॉलोनी का अनंतेश्वर महादेव मंदिर, अंकित विहार स्थित परशुराम महादेव मंदिर, नदी घाट का देवी मंदिर, नई मंडी के बिंदल बाजार स्थित माता वाला मंदिर, श्री बालाजी धाम, गणपति धाम, कटार सिंह मंदिर तथा बिलासपुर स्थित सिद्धपीठ शिव मंदिर प्रमुख रहे।
सुबह की आरती के साथ शुरू हुआ जलाभिषेक का क्रम दोपहर तक लगातार जारी रहा।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर समितियों और प्रशासन ने सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम किए। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गईं, जबकि मंदिर परिसरों में स्वयंसेवकों और पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया, जिससे श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन करने में सुविधा मिल सके।
सावन का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रावण मास भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस पूरे महीने में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, व्रत और शिव पूजन का विशेष महत्व होता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति से किए गए शिव पूजन से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
पूरे माह रहेगा शिवभक्ति का उत्साह
सावन के पहले दिन उमड़ी भारी भीड़ ने यह संकेत दे दिया है कि पूरे श्रावण मास में जिले के शिवालयों में इसी तरह श्रद्धालुओं का उत्साह बना रहेगा। आगामी कांवड़ यात्रा के साथ धार्मिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। प्रशासन और मंदिर समितियां भी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत बनाए हुए हैं।
