रिपोर्ट: कबीर
मुजफ्फरनगर
मुजफ्फरनगर में रविवार को जमीयत उलेमा-ए-हिंद की ओर से पांचवें सद्भावना सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य सामाजिक सौहार्द, राष्ट्रीय एकता और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु, सामाजिक प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक एक मंच पर एकत्र हुए और समाज में शांति, सद्भाव तथा परस्पर सम्मान बनाए रखने का संदेश दिया।
भाईचारे और एकता पर दिया गया जोर
सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता और आपसी विश्वास है। उन्होंने कहा कि समाज में प्रेम, सहयोग और एक-दूसरे की आस्था का सम्मान ही देश को मजबूत बनाता है।
कार्यक्रम के दौरान सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और पारस्परिक सहयोग पर विशेष बल दिया गया। वक्ताओं ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं से बचें तथा समाज में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाएं।
सामाजिक सौहार्द के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश
सम्मेलन में पर्यावरण संरक्षण को भी सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए अधिक से अधिक पौधारोपण करने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छ और हरित वातावरण समाज के बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक है।
उन्होंने नागरिकों से पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान करते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाने की बात कही।
देशभर में चलाया जा रहा है सद्भावना अभियान
जमीयत उलेमा-ए-हिंद मुजफ्फरनगर के जिला सदर कारी जाकिर हुसैन ने बताया कि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी के निर्देशन में देशभर में एक हजार से अधिक सद्भावना सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मुजफ्फरनगर में भी इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
उन्होंने कहा कि इन सम्मेलनों का उद्देश्य समाज में आपसी विश्वास बढ़ाना, विभिन्न समुदायों के बीच संवाद स्थापित करना और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है।
हर क्षेत्र में बनेगी सद्भावना मंच समिति
कारी जाकिर हुसैन ने बताया कि आने वाले समय में देश के विभिन्न राज्यों, शहरों और गांवों में सद्भावना मंच समितियों का गठन किया जाएगा। इन समितियों में सभी धर्मों और वर्गों के लोगों को शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इन समितियों का उद्देश्य समाज में फैलने वाली अफवाहों को रोकना, आपसी दूरी कम करना और सहयोग एवं विश्वास की भावना को मजबूत करना होगा।
कांवड़ यात्रा को लेकर की गई अपील
सम्मेलन में आगामी कांवड़ यात्रा का भी उल्लेख किया गया। आयोजकों ने यात्रा के शांतिपूर्ण और सकुशल संचालन की कामना करते हुए सभी नागरिकों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
उन्होंने लोगों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने, अफवाहों से दूर रहने और शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने का आग्रह किया।
सभी धर्मों के प्रतिनिधियों ने रखा अपना पक्ष
कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं और सामाजिक प्रतिनिधियों ने कहा कि देश की प्रगति और स्थायी शांति का आधार आपसी भाईचारा, संवाद और सामाजिक एकता है। उन्होंने नागरिकों से सकारात्मक सोच अपनाने और समाज को मजबूत बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
निष्कर्ष
मुजफ्फरनगर में आयोजित सद्भावना सम्मेलन ने सामाजिक एकता, भाईचारे और राष्ट्रीय समरसता का संदेश दिया। सम्मेलन के माध्यम से विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने शांति, सहयोग, पर्यावरण संरक्षण और आपसी सम्मान को समाज की मजबूती का आधार बताया। साथ ही आगामी कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी नागरिकों से सहयोग और जिम्मेदारी निभाने की अपील की गई।
